फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJI said number of judges is not appropriate according to the population of the country

देश की जनसंख्या के हिसाब से जजों की संख्या कम: चीफ जस्टिस

Fri, 27 Jul 2018 10:13 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 27 Jul 2018 10:13 PM IST
विज्ञापन
CJI said number of judges is not appropriate according to the population of the country

गत 12 जनवरी को प्रेस कांफ्रेंस करने वाले सुप्रीम कोर्ट केचार जजों में से एक न्यायमूर्ति कूरियन जोसफ ने शुक्रवार को कहा कि भले ही चीफ जस्टिस मास्टर ऑफ रोस्टर है लेकिन केसों के आवंटन में उन्हें अन्य जजों से सलाह-मशविरा करना चाहिए। 

विज्ञापन


राजधानी में आयोजित लंबित मामलों को कम करने संबंधी एक सेमिनार में न्यायमूर्ति जोसफ ने साथ ही यह भी कहा कि कोलेजियम द्वारा भेजी गई सिफारिशों को क्लीयर करने में सरकार को देरी नहीं करनी चाहिए। 
विज्ञापन


एक समयसीमा के भीतर इसे क्लीयर कर देना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को जजों की सेवानिवृत्ति की आयु 70 वर्ष करने पर विचार करना चाहिए। न्यायमूर्ति जोसफ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों की सेवानिवृत्ति की आयु समान होनी चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं इस सेमिनार में चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि देश के लोगों को न्यायपालिका पर विश्वास है लेकिन समस्या यह है कि देश की जनसंख्या के अनुपात में जजों की संख्या कम है। 

उन्होंने कहा कि बिहार, झारखंड सहित कुछ अन्य राज्यों में जजों की संख्या बहुत कम है। पिछले दिनों मैंने जजों से अनुरोध किया था कि वे अतिरिक्त समय देकर मुकदमों का निपटारा करें। पिछले महीने विभिन्न हाईकोर्ट में शनिवार के दिन काम कर करीब तीन हजार आपराधिक मामलों का निपटारा किया।  


साथ ही चीफ जस्टिस ने कहा कि नोटिस तामील करने में जोर दिया जाना चाहिए। हजारों मामलों में नोटिस तामील तक नहीं हो पाती। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि मुकदमों को खत्म करने केलिए अन्य विकल्पों का भी इस्तेमाल किया जाना चाहिए। साथ ही न्यायालय को वादी-प्रतिवादियों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed