फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CJI said inappropriate sexual words used in legal debate will be banned, terminology will come soon

CJI: सीजेआई ने कहा- कानूनी बहस में इस्तेमाल होने वाले अनुचित लैंगिक शब्दों पर लगेगी रोक, जल्द आएगी शब्दावली

Fri, 17 Mar 2023 05:27 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Fri, 17 Mar 2023 05:27 AM IST
सार

सीजेआई ने सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती संख्या के साथ-साथ प्रणालीगत बाधाओं व अनुचित व्यवहार की घटनाओं के मद्देनजर दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें कानूनी पेशे में अच्छे और आशाजनक विकास को उजागर करने के अलावा यौन व महिलाओं को लक्षित करने वाले अन्य पहलुओं को शामिल किया गया।

विज्ञापन
CJI said inappropriate sexual words used in legal debate will be banned, terminology will come soon
सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़। - फोटो : ANI

विस्तार

सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने एक कार्यक्रम में बताया कि कानूनी बहस में इस्तेमाल होने वाले अनुचित लैंगिक शब्दों की कानूनी शब्दावली जारी करने की योजना पाइपलाइन में है। शीर्ष अदालत की लिंग संवेदीकरण और आंतरिक शिकायत समिति के एक कार्यक्रम में सीजेआई ने यह जानकारी दी।

विज्ञापन


सीजेआई ने सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती संख्या के साथ-साथ प्रणालीगत बाधाओं व अनुचित व्यवहार की घटनाओं के मद्देनजर दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें कानूनी पेशे में अच्छे और आशाजनक विकास को उजागर करने के अलावा यौन व महिलाओं को लक्षित करने वाले अन्य पहलुओं को शामिल किया गया। सीजेआई ने कहा, पहली योजना कानूनी बहस में उपयोग किए जाने वाले अनुचित लैंगिक शब्दों की कानूनी शब्दावली जारी करने की है।
विज्ञापन


यह एक ऐसा मिशन था, जिसे उन्होंने कुछ साल पहले शुरू किया था और अब पूरा होने वाला है। उन्होंने आशा जताई कि यह इस बात पर प्रकाश डालेगा कि समाज और कानूनी पेशे में महिलाओं के साथ क्यों और कैसे भेदभाव किया जाता है। सीजेआई ने यह भी बताया कि शीर्ष अदालत अपने एनेक्सी भवन के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव लेकर आई है। इसमें महिला वकीलों के लिए एक बड़ी जगह शामिल होगी। उन्होंने कहा, यह सुप्रीम कोर्ट में महिलाओं के लिए बेहतर कार्य स्थान बनाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं के लिए होता है बहुत बुरे शब्दों का इस्तेमाल
सीजेआई ने कहा, मैंने ऐसे फैसले देखे हैं जिनमें एक महिला को ‘रखैल’ के रूप में संदर्भित किया गया है, जब वह एक रिश्ते में होती है। घरेलू हिंसा अधिनियम और आईपीसी की धारा- 498ए के तहत एफआईआर रद्द करने के आवेदन पर दिए फैसलों में महिलाओं को ‘रखैल’ कहा गया है।


उन्होंने कहा, इन अनुचित शब्दों को संकलित करने का अंतर्निहित उद्देश्य किसी भी न्यायाधीश को नीचा दिखाना नहीं है बल्कि हमारे दिमाग के भीतर की समस्याओं को समझना है। यह पूर्वकल्पित धारणाएं और पूर्वाग्रह हैं, जो इन शब्दों का सहारा लेते हैं। इसीजेआई ने कहा, जब तक हम इन पहलुओं के बारे में खुलेंगे नहीं, हमारे लिए एक समाज के रूप में विकसित होना मुश्किल होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed