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BR Gavai: सीजेआई बोले- सोशल मीडिया पर जजों की टिप्पणियों की गलत व्याख्या चिंता का विषय
Tue, 07 Oct 2025 05:43 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 07 Oct 2025 05:43 PM IST
सार
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने मंगलवार को अदालती कार्यवाही के दौरान न्यायाधीशों द्वारा की गईं मौखिक टिप्पणियों को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रस्तुत किए जाने पर चिंता व्यक्त की है।
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सीजेआई बीआर गवई।
- फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
विस्तार
भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) बीआर गवई ने मंगलवार को अदालती कार्यवाही के दौरान न्यायाधीशों द्वारा की गई मौखिक टिप्पणियों को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रस्तुत किए जाने पर चिंता व्यक्त की। प्रधान न्यायाधीश एक वकील द्वारा उन पर जूता उछालने की कोशिश किये जाने की घटना के एक दिन बाद अदालत में एक सुनवाई के दौरान बोल रहे थे।
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सीजेआई ने सुनाया किस्सा
सीजेआई ने मंगलवार को एक किस्सा साझा किया कि कैसे उन्होंने अपने सहयोगी जस्टिस के विनोद चंद्रन को एक मामले की पिछली सुनवाई के दौरान ऑनलाइन संभावित गलत व्याख्या से बचने के लिए कुछ टिप्पणियां करने से रोका था। वरना, इस सोशल मीडिया पर, हमें नहीं पता कि क्या रिपोर्ट किया जाएगा। मैंने अपने विद्वान भाई से अनुरोध किया कि वे इसे सिर्फ मुझसे मेरे कानों में कहें।
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क्या है मामला?
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश(सीजेआई) बीआर गवई पर जूते फेंकने की कोशिश की थी। एक नाटकीय घटनाक्रम में राकेश किशोर नाम के वकील ने जूते फेंकने की असफल कोशिश की थी। जब उन्होंने डाइस की ओर बढ़ने की कोशिश की तो सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आ गए और उन्हें कोर्ट रूम से बाहर ले गए। जब वकील को ले जाया जा रहा था तो उन्हें यह कहते सुना गया, सनातन का अपमान नहीं सहेंगे। कथित तौर पर वह भगवान विष्णु की मूर्ति की पुनर्स्थापना पर पिछले दिनों सीजेआई की टिप्पणी से नाखुश थे।
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हालांकि सीजेआई ने उपस्थित वकीलों से अदालत की कार्यवाही जारी रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा, "इस सब से विचलित न हों। हम विचलित नहीं हैं। ये बातें मुझे प्रभावित नहीं करतीं। घटना के बाद 71 वर्षीय अधिवक्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था हालांकि बाद में कोर्ट ने उन्हें रिहा करने के लिए कहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, "वह मयूर विहार इलाके के निवासी हैं और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के पंजीकृत सदस्य हैं।" पुलिस फिलहाल पूरे मामले की की जांच कर रही है। मालूम हो कि पिछले महीने मुख्य न्यायाधीश की उस टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था जब उन्होंने मध्य प्रदेश में यूनेस्को विश्व धरोहर खजुराहो मंदिर परिसर के एक हिस्से, जावरी मंदिर में भगवान विष्णु की सात फुट ऊंची मूर्ति के पुनर्निर्माण और पुनः स्थापना के निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया था। राकेश दलाल द्वारा दायर उस याचिका पर सीजेआई गवई ने कहा था, "जाओ और भगवान से स्वयं कुछ करने के लिए कहो।