नागरिक उड्डयन मंत्रालय और डीजीसीए ने एनसीआरटीसी को जीआईएस मैपिंग के लिए सशर्त ड्रोन उपयोग की दी मंजूरी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 17 Oct 2020 03:09 AM IST
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को ड्रोन के इस्तेमाल के लिए सशर्त छूट दी है। यह छूट दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के जीआईएस मैपिंग के लिए डाटा अधिग्रहण करने के लिए दी गई है। मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई।
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नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विज्ञप्ति में कहा है कि शर्तों में स्थानीय प्रशासन, रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, भारतीय वायु सेना और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से आवश्यक मंजूरी हासिल करना शामिल है। यह छूट 31 दिसंबर तक या डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के पूर्ण परिचालन, जो भी पहले हो, तक मान्य रहेगी।
एनसीआरटीसी के पास बेहतर कनेक्टिविटी और पहुंच के माध्यम से संतुलित और सतत शहरी विकास सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आरआरटीएस परियोजना को लागू करने का अधिकार है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागर विमानन महानिदेशालय ने दिल्ली-मेरठ रैपिड ट्रांजिट ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के लिए वेब आधारित भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) प्लेटफार्म के मानचित्रण और कार्यान्वयन के लिए रिमोट से संचालित विमान प्रणाली (आरपीएएस) की तैनाती के लिए एनसीआरटीसी को सशर्त छूट दी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव अंबर दुबे ने कहा कि इससे उन्हें प्रभावी हवाई निगरानी और परियोजना नियोजन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन स्वीकृतियों को प्रदान करना बड़े लाभ के लिए ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने वाले नागरिक उड्डयन मंत्रालय के उद्देश्यों के अनुरूप है। 

विज्ञप्ति के अनुसार, निगम केवल आरपीएएस को संचालित करेगा, जिसे स्वेच्छा से केंद्र सरकार को बताया गया है और एक वैध ड्रोन अभिस्वीकृति संख्या (डीएएन) के साथ जारी किया गया है। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि अन्य शर्तों में परिचालन के दायरे में व्यापक संक्षिप्त विवरण और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की प्रति उड़ान मानक निदेशालय (एफएसडी), डीजीसीए की कॉपी में शामिल है। उन्होंने कहा कि ड्रोनों का परिचालन एसओपी की मंजूरी / स्वीकृति के बाद ही किया जाएगा।

साथ ही, निगम के पास बीमा का पर्याप्त स्तर होना चाहिए ताकि आरपीएएस के संचालन के दौरान किसी दुर्घटना / घटना के परिणामस्वरूप होने वाली किसी भी तीसरे पक्ष को कोई नुकसान हो, और यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी खतरनाक सामग्री या परिवर्तनशील पेलोड को किसी भी परिस्थिति में आरपीए के तहत इस्तेमाल नहीं किया जाए। 

मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम सुरक्षा, संपत्ति, ऑपरेटर के अलावा अन्य लोगों की सुरक्षा, जनता की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करेगा और किसी भी स्थिति में इसके लिए डीजीसीए को जिम्मेदार नहीं माना जाएगा।

यह भी कहा कि आरपीए (RPA) सीएआर (CAR) के प्रावधानों के अनुसार हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में संचालित नहीं किया जाएगा। यदि हवाई अड्डे के पास संचालित किया जाता है, तो विज्ञप्ति के अनुसार, आरपीएएस के संचालन के समय और क्षेत्र के संबंध में एएआई से अनुमोदन लेना पड़ेगा।
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