आप सांसद के आरोप पर बोले हरदीप पुरी, जेट कर्मियों को नौकरी देने का वादा नहीं किया
- आप सांसद संजय सिंह के आरोप पर पत्र लिखकर दिया जवाब
- जेट एयरवेज के पास अभी भी हैं पांच हजार से अधिक कर्मचारी
- संजय सिंह के बयान को बताया गैर तथ्यात्मक व भ्रामक बताया
विस्तार
नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि जुलाई में संसद की कार्यवाही के दौरान उन्होंने जेट एयरवेज के कर्मचारियों को नौकरी दिलाने संबंधी कोई आश्वासन नहीं दिया था। पुरी ने यह जवाब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के आरोप पर दिया। बता दें कि जेट एयरवेज 17 अप्रैल को आर्थिक संकट के चलते बंद हो गई थी।
आप सांसद ने 27 नवंबर को सदन में कहा था कि पुरी ने संसद को आश्वासन दिया था कि जेट एयरवेज का कोई कर्मचारी नौकरी नहीं खोएगा और उन्हें अन्य कंपनियों में समायोजित किया जाएगा। संजय के मुताबिक मंत्री ने इसके लिए एक वेबसाइट लॉन्च करने की बात भी कही थी जिसमें कर्मचारियों की जानकारी होगी।
दो दिसंबर को पुरी ने संजय सिंह को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने लिखा, 'मैं 27 नवंबर 2019 को राज्यसभा में आपके द्वारा उठाए गए जेट एयरवेज के कर्मचारियों के रोजगार के मुद्दे के संदर्भ में लिख रहा हूं।' पुरी ने लिखा, 'जुलाई 2019 में सदन की कार्यवाही के दौरान मैंने कोई आश्वासन नहीं दिया। असल में, मैंने स्पष्ट रूप से कहा था कि सरकार निजी उद्यम की व्यावसायिक विफलता की जिम्मेदारी नहीं ले सकती। इसलिए, 27 नवंबर, 2019 को सदन में दिया गया आपका बयान न केवल गैर तथ्यात्मक है बल्कि भ्रमित करने वाला भी है।
My fellow parliamentarian Sh Sanjay Singh ji made a statement on the floor of Rajya Sabha on 27.11.2019 wherein he claimed that I made a particular statement about about Jet Airways employees during the discussions on AERA (Amendment) Bill 2019 in July. pic.twitter.com/k4Apgj4tvt
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) December 3, 2019
पुरी ने पत्र में लिखा, 'मैं आपको यह भी बताना चाहता हूं कि एयरलाइन के लिए एनसीएलटी प्रक्रिया जारी है।' बता दें कि एयरलाइन के कर्मचारी संघ के अनुसार, जेट एयरवेज के पास अभी भी 5,000 से अधिक कर्मचारी हैं। जेट एयरवेज का बैंकों पर 8,500 करोड़ रुपये और विक्रेताओं, पट्टेदारों और कर्मचारियों पर लगभग 25,000 करोड़ रुपये का बकाया है।
I have clarified that I had made no such statement & have included relevant portions of the transcript of my statement on the floor of the house in my letter to him.
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) December 3, 2019
One can see that Mr Singh's statement was not only devoid of facts but was also misleading. pic.twitter.com/IcMH9l2wmg
मंत्री ने यह भी कहा कि उड्डयन मंत्रालय ने इस बीच एक पोर्टल शुरू किया है जो नौकरी चाहने वाले कर्मचारियों और विभिन्न एयरलाइन्स को एक-दूसरे के संपर्त में रहने का मौका देता है। उन्होंने कहा, यह पोर्टल या वेबसाइट अगस्त 2019 में लॉन्च की गई थी।