मेट्रो स्टेशन के भीतर मची अफरातफरी, रोके जाने पर यात्रियों ने किया हंगामा
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यात्रियों का कहना था कि हमें निकलने दें। हम केंद्रीय सचिवालय के आसपास स्थित कार्यालयों में नौकरी करते हैं। पुलिस ने यात्रियों की बात नहीं मानी, तो उन्होंने मेट्रो स्टेशन के भीतर हंगामा शुरु कर दिया। करीब 15 मिनट तक केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन में अफरातफरी का माहौल बना रहा। मेट्रो और पुलिस के आला अधिकारी से बात करने के बाद महज दो मिनट के लिए केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन का गेट नंबर चार खोला गया।
विभिन्न राजनीतिक दलों ने गुरुवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। दिल्ली में भी सुबह से ही कई इलाकों में विरोध प्रदर्शनों की आहट सुनाई देनी लगी। इससे पहले यह होता था कि प्रदर्शन या किसी दूसरी वजह से जब मेट्रो स्टेशन बंद करना होता था, तो दिल्ली पुलिस कुछ समय पहले ही यह घोषणा कर देती थी। लेकिन गुरुवार को ऐसा नहीं हुआ।
कई मेट्रो स्टेशन तो बिना किसी पूर्व सूचना के ही बंद कर दिए गए। केंद्रीय सचिवालय के लिए आने वाले सैकड़ों यात्री, जो मंडी हाउस से बदरपुर जाने वाली मेट्रो में सवार हुए थे, उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया। केंद्रीय सचिवालय पर जब यात्रियों ने बाहर निकलने का प्रयास किया, तो उन्हें रोक दिया गया। पुलिस और सीआईएसएफ का कहना था कि इस स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट बंद कर दिए गए हैं। आप लोग राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से बाहर निकल सकते हैं।
यात्रियों का कहना था कि मेट्रो स्टेशन बंद करने की सूचना कम से कम दो तीन मेट्रो स्टेशन पहले दे दी जानी चाहिए थी। सैकड़ों यात्री केंद्रीय सचिवालय पर उतर चुके थे, लेकिन तब तक उन्हें मेट्रो स्टेशन बंद करने की सूचना नहीं दी गई। इस बात पर भी पुलिस नहीं मानी, तो यात्रियों ने हंगामा शुरु कर दिया। करीब 15 मिनट तक मेट्रो स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल बना रहा।