नागरिकता संशोधन बिल: पहली ही परीक्षा में महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ महागठबंधन में पड़ी दरार
- कैब पर डगमगाए तो सावरकर पर उलझे
- पहली ही परीक्षा में महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ महागठबंधन में पड़ी दरार
- हिंदुत्व के मुद्दे बन रहे हैं सत्तारूढ़ गठबंधन केगले की फांस
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महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस महागठबंधन में हिंदुत्व के मोर्चे पर पहली ही परीक्षा में दरार पड़ गई। नागरिकता संशोधन कानून पर कांग्रेस-एनसीपी के दबाव में आ कर बीच का रास्ता अपनाने वाली शिवसेना को सावरकर के मोर्चे पर सीधा मोर्चा खोलना पड़ा।
जाहिर तौर पर हिंदुत्व की बुनियाद पर खड़ी हुई शिवसेना इस मोर्चे पर हथियार डालने का संदेश नहीं देना चाहती तो कांग्रेस-एनसीपी को धर्मनिरपेक्षता के सवाल पर समान विचार वाले दलों की भी खरी खोटी सुननी पड़ रही है।
दरअसल सत्तारूढ़ गठबंधन की पहली परीक्षा नागरिकता संशोधन बिल पर शुरू हुई थी। तब हिंदुत्व की राजनीति नहीं छोडने का संदेश देने के लिए शिवसेना ने लोकसभा में तो बिल का समर्थन किया, मगर राज्यसभा में कांग्रेस-एनसीपी के दबाव में बीच का रास्ता अपनाते हुए वाकआउट का रास्ता चुना।
हालांकि दूसरी बार सावरकर के सवाल पर शिवसेना और कांग्रेस आमने सामने आ गए। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सावरकर पर निशाना साधने के बाद शिवसेना ने उन्हें पूजनीय बता कर साफ संदेश दे दिया कि महागठबंधन बचाने केलिए उसे हिंदुत्व के मुद्दे पर न उलझाया जाए।
जल्द आ सकती है दूसरी अग्निपरीक्षा
सरकार की योजना सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित करने की है। शिवसेना सावरकर को हिंदुत्व का आईकॉन मानती है तो कांग्रेस-शिवसेना द्विराष्ट्रवाद सिद्घांत का जनक। जाहिर तौर पर सरकार अगर इस आशय का घोषणा करती है तो कांग्रेस-एनसीपी के साथ-साथ शिवसेना का उलझन बढ़ेगा।
कांग्रेस-एनसीपी के पास इस घोषणा के विरोध केअलावा कोई चारा नहीं बचेगा। जबकि शिवसेना की चुप्पी से यह संदेश जाएगा कि उसने हिंदुत्व की राजनीति से किनारा कर लिया है।
अपनों के बीच भी बढ़ रही कांग्रेस की उलझन
शिवसेना के साथ केसवाल पर कांग्रेस की अपनों के बीच भी उलझन बढ़ रही है। नागरिकता कानून केबाद सावरकर केसवाल पर बसपा-एआईएमआईएम जैसे दल कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
केरल जहां अल्पसंख्यक समुदाय की उल्लेखनीय संख्या है और पार्टी वहां एलडीएफ से सत्ता छीनने की कोशिशों में लगी है, वहां भी इसके नकारात्मक संदेश जा सकते हैं।