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Red Sandal: लाल चंदन के विश्व व्यापार की अड़चन दूर, केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा- किसानों को मिलेगा प्रोत्साहन

Tue, 14 Nov 2023 05:58 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Tue, 14 Nov 2023 05:58 AM IST
सार

भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, वन्यजीव अधिनियम में संशोधन के परिणामस्वरूप, भारत के सीआईटीईएस विधान को सीआईटीईएस की राष्ट्रीय विधान परियोजना की श्रेणी 1 में रखे जाने की पुष्टि हो गई है।

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CITES Review: Red sandalwood removed from important trade review, now farmers will get incentive
भूपेंद्र यादव - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि वन्य जीवों व वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन की स्थायी समिति (सीआईटीईएस) ने भारत को लाल चंदन की महत्वपूर्ण व्यापार समीक्षा से हटा दिया। यह फैसला भारत के वन्यजीव और इकोसिस्टम संरक्षण के प्रयासों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होने वाला है।

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भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, वन्यजीव अधिनियम में संशोधन के परिणामस्वरूप, भारत के सीआईटीईएस विधान को सीआईटीईएस की राष्ट्रीय विधान परियोजना की श्रेणी 1 में रखे जाने की पुष्टि हो गई है। भारत 2004 से लाल चंदन के महत्वपूर्ण व्यापार प्रक्रिया की समीक्षा के अधीन था।
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मंत्री ने कहा कि हमारे अनुपालन और रिपोर्टिंग के आधार पर, भारत को लाल चंदन की महत्वपूर्ण व्यापार समीक्षा से हटा दिया गया है। यह लाल चंदन उगाने वाले किसानों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है।
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सीआईटीईएस की 77वीं बैठक 6 से 10 नवंबर तक जिनेवा में हुई। भारत 1976 से सीआईटीईएस का एक पक्ष है। बैठक में डॉ. एसपी यादव अपर महानिदेशक वन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।


क्या है सीआईटीईए आरएसटी प्रक्रिया
सीआईटीईएस आरएसटी प्रक्रिया उन देशों पर निर्देशित व्यापार निलंबन के रूप में अनुशासनात्मक कार्रवाई को सक्षम बनाती है जो अपने दायित्वों को पूरा करने में असफल रहते हैं। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से सीआईटीईएस स्थायी समिति किसी भी देश से किसी प्रजाति की निर्यात की जांच को आगे बढ़ाती है, जिससे यह निर्धारित किया जा सके कि क्या कन्वेंशन को ठीक तरह से लागू किया जा रहा है या नहीं। इसी के कारण पहले भारत के साथ व्यापार निलंबित करने की सिफारिश भी की गई थी।

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