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Andaman: बैंक ऋण मंजूरी में अनियमितता बरतने पर अंडमान के पूर्व सांसद से CID ने की पूछताछ, जब्त किया पासपोर्ट
Sun, 01 Jun 2025 11:43 AM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर
Published by: बशु जैन
Updated Sun, 01 Jun 2025 11:43 AM IST
सार
अंडमान एवं निकोबार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (एएनएससीबीएल) के उपाध्यक्ष और पूर्व कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि बैंक की प्रबंध समिति ने ऋण स्क्रीनिंग समिति की सिफारिशों की अनदेखी की तथा ऋण स्वीकृत करते समय सीआईबीआईएल रिपोर्ट और अनिवार्य दस्तावेजों को नजरअंदाज किया।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राज्य सहकारी बैंक से ऋण मंजूरी में अनियमितता बरतने पर सीआईडी ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह के पूर्व कांग्रेस सांसद कुलदीप राय शर्मा से पूछताछ की। इस दौरान सीआईडी ने उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया। पिछले दिनों अंडमान एवं निकोबार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड (एएनएससीबीएल) के उपाध्यक्ष शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस ने बताया कि सीआईडी ने पूर्व सांसद का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। उनको जब भी जरूरत हो जांच अधिकारियों के सामने दोबारा पेश होने को कहा गया है। हमने पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भगत सिंह (कुलदीप राय शर्मा के पिता), एएनएससीबीएल के निदेशकों और उनके रिश्तेदारों सहित 65 व्यक्तियों/फर्मों की मूल ऋण फाइलें भी जब्त कर ली हैं।
अधिकारी ने कहा कि स्वीकृत ऋण खातों से अंतिम उपयोग तक धन के लेन-देन का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक ऑडिट विशेषज्ञ की मदद लेने के प्रयास चल रहे हैं। हमने कम समय में बड़ी मात्रा में निकासी देखी है, जिससे संदेह पैदा हो रहा है कि धन का दुरुपयोग किया गया या उसे दूसरी जगह लगाया गया। जब्त किए गए दस्तावेजों से संपत्ति मूल्यांकन प्रमाणपत्रों में भी हेराफेरी का पता चलता है।
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सहकारी समिति रजिस्ट्रार की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
इससे पहले एसएसपी (सीआईडी) जितेंद्र कुमार मीना ने बताया था कि हमें अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक द्वारा विभिन्न लोगों को ऋण स्वीकृत करने में घोर अनियमितताओं के संबंध में सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार (मुख्यालय) से शिकायत मिली है। शिकायत की सामग्री के आधार पर हमने एक प्राथमिकी (दिनांक 15 मई) दर्ज की है।
ये लगे आरोप
पूर्व सांसद पर आरोप है कि एएनएससीबी की प्रबंध समिति ने ऋण स्क्रीनिंग समिति की सिफारिशों की अनदेखी की तथा ऋण स्वीकृत करते समय सीआईबीआईएल रिपोर्ट और अनिवार्य दस्तावेजों को नजरअंदाज किया। कुछ मामलों में, यह भी आरोप है कि कुछ लाभार्थियों को ऋण वितरण प्रक्रिया के दौरान शाखा प्रबंधक द्वारा एक अहस्ताक्षरित साइट सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।
यह भी आरोप है कि बैंकिंग मानदंडों का पालन किए बिना कुछ अयोग्य आवेदकों को ऋण वितरित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि जांच के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई है और वे अयोग्य आवेदकों को स्वीकृत ऋण से संबंधित सभी दस्तावेजों (तकनीकी पहलुओं सहित) की जांच कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, "ऐसा लगता है कि ऋण स्वीकृत करने में अनियमितताएं पिछले कुछ वर्षों से चल रही हैं। जांच पूरी होने के बाद हम आरोप पत्र दाखिल करेंगे।"
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पुलिस ने बताया कि सीआईडी ने पूर्व सांसद का पासपोर्ट जब्त कर लिया है। उनको जब भी जरूरत हो जांच अधिकारियों के सामने दोबारा पेश होने को कहा गया है। हमने पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भगत सिंह (कुलदीप राय शर्मा के पिता), एएनएससीबीएल के निदेशकों और उनके रिश्तेदारों सहित 65 व्यक्तियों/फर्मों की मूल ऋण फाइलें भी जब्त कर ली हैं।
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अधिकारी ने कहा कि स्वीकृत ऋण खातों से अंतिम उपयोग तक धन के लेन-देन का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक ऑडिट विशेषज्ञ की मदद लेने के प्रयास चल रहे हैं। हमने कम समय में बड़ी मात्रा में निकासी देखी है, जिससे संदेह पैदा हो रहा है कि धन का दुरुपयोग किया गया या उसे दूसरी जगह लगाया गया। जब्त किए गए दस्तावेजों से संपत्ति मूल्यांकन प्रमाणपत्रों में भी हेराफेरी का पता चलता है।
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सहकारी समिति रजिस्ट्रार की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
इससे पहले एसएसपी (सीआईडी) जितेंद्र कुमार मीना ने बताया था कि हमें अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक द्वारा विभिन्न लोगों को ऋण स्वीकृत करने में घोर अनियमितताओं के संबंध में सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार (मुख्यालय) से शिकायत मिली है। शिकायत की सामग्री के आधार पर हमने एक प्राथमिकी (दिनांक 15 मई) दर्ज की है।
ये लगे आरोप
पूर्व सांसद पर आरोप है कि एएनएससीबी की प्रबंध समिति ने ऋण स्क्रीनिंग समिति की सिफारिशों की अनदेखी की तथा ऋण स्वीकृत करते समय सीआईबीआईएल रिपोर्ट और अनिवार्य दस्तावेजों को नजरअंदाज किया। कुछ मामलों में, यह भी आरोप है कि कुछ लाभार्थियों को ऋण वितरण प्रक्रिया के दौरान शाखा प्रबंधक द्वारा एक अहस्ताक्षरित साइट सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी।
यह भी आरोप है कि बैंकिंग मानदंडों का पालन किए बिना कुछ अयोग्य आवेदकों को ऋण वितरित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि जांच के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई है और वे अयोग्य आवेदकों को स्वीकृत ऋण से संबंधित सभी दस्तावेजों (तकनीकी पहलुओं सहित) की जांच कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा, "ऐसा लगता है कि ऋण स्वीकृत करने में अनियमितताएं पिछले कुछ वर्षों से चल रही हैं। जांच पूरी होने के बाद हम आरोप पत्र दाखिल करेंगे।"