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सूचना आयुक्तों की कमी से जूझ रहे सीआईसी ने अपीलों का बोझ कम करने में मंत्रालयों से मांगी ‘मदद’

Tue, 27 Nov 2018 07:35 PM IST
हरेन्द्र, नई दिल्ली
हरेन्द्र, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Nov 2018 07:35 PM IST
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CIC sought help from ministries to reduce the burden of appeals
CIC
सूचना आयुक्तों की कमी से जूझ रहे केंद्रीय सूचना आयोग ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को निर्देश जारी कर कहा है कि आरटीआई अपीलों और शिकायतों का ठीक से निपटारा करें। साथ ही, आयोग ने यह निर्देश भी दिया है कि वे आरटीआई को लेकर अधिकारियों को ट्रेनिंग भी दें। आयोग में वर्तमान में तकरीबन 29 हजार अपीलें लंबित हैं।
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केंद्रीय सूचना आयोग ने हाल ही में सभी मंत्रालयों एवं विभागों को निर्देश जारी कर कहा है कि आयोग में आरटीआई अपीलों का ढेर लग रहा है, जिसके चलते अपीलों का निपटारा करने में देरी हो रही है। आयोग के सूत्रों के मुताबिक मंत्रालयों से प्रथम अपीलीय प्राधिकरणों को सशक्त करने का निर्देश जारी किया है। अगर कोई सरकारी विभाग का केंद्रीय जनसूचना अधिकारी आरटीआई आवेदन खारिज करता है, गलत सूचना देता है या सूचना देने से इंकार करता है तो आवेदनकर्ता के पास प्रथम अपीलीय प्राधिकरण में वाद दायर करने का विकल्प होता है।
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अगर प्रथम अपीलीय प्राधिकरण भी सूचना देने से इंकार करता है तो आवेदनकर्ता सीआईसी के समक्ष अपील दायर करते हैं। आयोग ने मंत्रालयों एवं विभागों से आरटीआई आवेदनों की प्राप्ति और निपटारे से संबंधित रिकॉर्ड भी संभाल कर रखने का भी निर्देश जारी किया है। आयोग ने कहा है कि प्रथम अपीलीय प्राधिकरण में वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की जाए।
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हाल ही में सूचना आयुक्त पद से रिटायर हुए यशोवर्धन आजाद का कहना है कि आयोग में 11 सूचना आयुक्तों के पद हैं, लेकिन सीआईसी समेत 8 पद खाली हैं और केवल 3 ही आयुक्त काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोग के सभी आयुक्तों की बैठक में यह फैसला किया गया था कि प्रत्येक आयुक्त हर माह 265 केस निबटाएगा। उन्होंने बताया कि अकेले 5 साल में ही उन्होंने ही सबसे ज्यादा 15 हजार अपीलों का निबटारा किया। उनका कहना है कि अगर सभी आयुक्त इसी रफ्तार से काम करें, तो सालभर में तकरीबन 29 हजार अपीलों का निपटारा हो सकता है।  

उनका कहना है कि विभागों और मंत्रालयों को आरटीआई एक्ट 4ए और 4बी के तहत सारी जानकारी वेबसाइट पर डालने के साथ सीपीआईओ और अधिकारियों की हर अंतराल पर ट्रेनिंग कराना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि आरटीआई को लेकर लोगों की आस्था बढ़ी है। उन्होंने सरकार से अपील की है सीआईसी में सभी सूचना आयुक्तों के पद तुरंत भरे जाने चाहिए और सरकार को सक्षम लोग नियुक्त करने चाहिए। साथ ही, आयुक्तों को एक ब्यूरोक्रेट की तरह काम करने की बजाय थोड़ा संवेदनशील होने की भी जरूरत है।  


आयोग के सूत्रों का कहना है कि अक्सर प्रथम अपीलीय प्राधिकरण केंद्रीय सूचना जनसपंर्क अधिकारियों के फैसलों को बिना कानून पढ़े, उसे कायम रखते हैं, जिससे सीआईसी पर अपीलों का बोझ पड़ता है। अगर वे सभी कानून के तहत काम करें, तो सीआईसी पर केसों का बोझ नहीं पड़ेगा। आयोग ने अपने निर्देश में कहा है कि सूचना अधिकार कानून, 2005 की धारा 19(6) के तहत अपीलों का तय समय के भीतर निस्तारण किया जाए।
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