राजनीतिक पार्टियों को मिले गुप्त दान की जानकारी दे डीईए : केंद्रीय सूचना आयोग
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केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने आर्थिक मामलों के विभाग (डीईए) को निर्देश दिया है कि वह आरटीआई कार्यकर्ता वेंकटेश नायक को राजनीतिक दलों को गुप्त चंदा देने वालों की जानकारी दे। वेंकटेश ने इनकी गोपनीयता और संबंधित कॉपियों की मांग की है। इसके साथ ही सीआईसी ने डीईए, वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने करने वाले राजस्व विभाग और चुनाव आयोग के केंद्रीय जनसंपर्क सूचना अधिकारियों (सीपीआईओ) को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में सीपीआईओ से पूछा गया है तय समय सीमा के दौरान जवाब न दिए जाने पर उन पर जुर्माना क्यों न लगाया जाए।
सूचना आयुक्त सुरेश चंद्रा ने यह फैसला आरटीआई आवेदन को लेकर सुनाया है। वेंकटेश नायक ने ऐसे गुप्त दानदाताओं और विभाग द्वारा 2017 में रिजर्व बैंक और चुनाव आयोग से परामर्श के बाद तैयार इलेक्ट्रोल बॉन्ड मसौदे की कॉपी मांगी थी। जवाब में डीईए ने बताया कि उसके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और उसने आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना की अर्जी वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग को प्रेषित कर दी थी। इसी तरह से आरबीआई और चुनाव आयोग ने आयोग को बताया कि उनके पास भी इस मामले में कोई जानकारी नहीं है।
सीआईसी ने 1 अक्तूबर 2019 के अपने अंतरिम आदेश में डीईए को निर्देश दिया था कि वह ऐसे सार्वजनिक प्राधिकरणों को चिह्नित करें जिनके पास सूचना है। सुचना आयुक्त सुरेश चंद्रा ने डीईए को वित्त सेवा विभाग और चुनाव आयोग के साथ समन्वय कर एक रिपोर्ट तैयार कर नायक को जवाब दें। मंगलवार को सार्वजनिक हुए तीन जनवरी के ताजा आदेश में आयोग ने पाया कि डीईए दिशा-निर्देशों का पालन करने में असफल रहा और उसने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन नहीं किया। चंद्रा ने कहा कि सुनवाई के दौरान पाया गया कि डीईए के सीपीआईओ संबंधित सीपीआईओ से पूरी जानकारी नहीं जुटा पाए और इस कारण वह याचिकाकर्ता को जानकारी नहीं दे पाया। इसके साथ ही आरबीआई को निर्देश दिया कि वह आरटीआई कानून के तहत याचिकाकर्ता को इसका जवाब दे।