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Ayurveda: आयुर्वेद का अमृत है च्यवनप्राश, आधुनिक विज्ञान भी स्वीकार करता है सेहत से जुड़े लाभ

Sun, 30 Nov 2025 08:22 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 30 Nov 2025 08:22 PM IST
सार

Ayurveda: आयुर्वेद के जानकार बताते हैं कि च्यवनप्राश का सेवन तीन तरह के विकार ठीक करता है। वात, पित्त और कफ से जुड़ी परेशानी दूर कर च्यवनप्राश शरीर के ह्यूमर/ बायोएनर्जी शारीरिक संरचना और बायोफंक्शन को भी रेगुलेट और बैलेंस करने में मदद करता है। च्यवनप्राश में आमला,अश्वगंधा, पिपली और गिलोय जैसी चालीस से ज्यादा प्राकृतिक जड़ी-बूटियां का संगम है।

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Chyavanprash is the elixir of Ayurveda, modern science also accepts its health benefits
Chyawanprash - फोटो : Adobe stock

विस्तार

सर्दी का मौसम आते ही लोग अक्सर खांसी, जुकाम और कमजोरी की शिकायत करने लगते हैं।  दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में रहने वाले लोग सर्दियों में मौसमी बदलवा के साथ-साथ प्रदूषण की भी मार झेल रहे होते हैं। ऐसे में उन्हें इन बीमारियों से बचाने में च्यवनप्राश बेहद ही मददगार होता है।भारत की आयुर्वेदिक परंपरा में च्यवनप्राश अहम औषधि की तरह इस्तेमाल होता रहा है। ये एक ऐसा आजमाया हुआ फॉर्मूला है जो पीढ़ियों से लाखों लोगों की सेहत का साथी रहा है। दशकों से इस रसायन को इम्यूनिटी बूस्टर और शारीरिक सेहत के लिए लाभकारी माना जाता रहा है। चरक संहिता में भी च्यवनप्राश को खांसी, दमा और श्वसन जैसे रोगों के इलाज में भी फायदेमंद बताया गया है।
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च्यवनप्राश सिर्फ विरासत ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक मानकों पर भी खरा उतरा है। कई मेडिकल परीक्षणों और दर्जनों वैज्ञानिक शोध से साबित हुआ है कि इसके एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण आपके शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं। च्यवनप्राश में आमला,अश्वगंधा, पिपली और गिलोय जैसी चालीस से ज्यादा प्राकृतिक जड़ी-बूटियां का संगम है, जो आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मौसमी बदलाव और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है। बाजार में च्यवनप्राश कई कंपनियों द्वारा बनाया जा रहा है। इसके वैरिएंट भी आते हैं। च्यवनप्राश बनाने वाली कंपनियों में एक डाबर भी है, जो बाजार में करीब 140 वर्षों से अपने उत्पाद बेच रही है।  
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आयुर्वेद के जानकार बताते हैं कि च्यवनप्राश का सेवन तीन तरह के विकार ठीक करता है। वात, पित्त और कफ से जुड़ी परेशानी दूर कर च्यवनप्राश शरीर के ह्यूमर/ बायोएनर्जी शारीरिक संरचना और बायोफंक्शन को भी रेगुलेट और बैलेंस करने में मदद करता है। च्यवनप्राश में आमला,अश्वगंधा, पिपली और गिलोय जैसी चालीस से ज्यादा प्राकृतिक जड़ी-बूटियां का संगम है, जो आपकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मौसमी बदलाव और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।

च्यवनप्राश के तमाम वैरिएंट्स भी सेहत से जुड़े फायदे पहुंचाने के दावे करते हैं, लेकिन डाबर च्यवनप्राश आयुर्वेद के इस प्राचीन ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर हर घर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। आम लोगों की सेहत के साथी बन चुके इस च्यवनप्राश में आंवले का भी इस्तेमाल होता है।

च्यवनप्राश का मुख्य घटक आंवला विटामिन सी के साथ-साथ शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। इसके अलावा इसे तैयार करने में 40 से अधिक जड़ी-बूटियों, घी, तिल का तेल, शहद और शक्कर का भी इस्तेमाल किया जाता है। सेहत के लिए फायदेमंद सामग्रियों के संतुलित मिश्रण से तैयार च्यवनप्राश को लेकर वैज्ञानिक भी सकारात्मक हैं।

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स्वाद के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले च्यवनप्राश के बारे में वैज्ञानिक शोध प्रमाणित कर चुके हैं कि इसके नियमित सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। दरअसल, ये उत्पाद स्वादिष्ट होने के साथ-साथ औषधीय तत्वों से भरपूर है। नियमित सेवन करने से च्यवनप्राश हमारे शरीर को संक्रामक रोगों से भी बचाता है।

च्यवनप्राश शरीर में IgG और IgM एंटीबॉडी को बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे संक्रमण से बचाव में मदद मिलती है। IgE और हिस्टामिन को घटाकर एलर्जी के लक्षणों को कम करने में कारगर च्यवनप्राश शरीर में NK सेल्स और फागोसाइटिक गतिविधि को भी बढ़ाता है। शरीर की प्राकृतिक इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाले इस उत्पाद के सेवन को लेकर भी स्पष्ट मानक तैयार किए गए हैं।
 
च्यवनप्राश के 12 ग्राम की खुराक दिन में दो बार लेने से पर्याप्त एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं। इससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी मदद मिलती है। यानी शरीर तंदुरुस्त रहने पर आप लंबे समय तक ताजगी महसूस करते हैं और सेहतमंद भी रहते हैं। स्वास्थ्य से जुड़े इन फायदों और सेहत को लेकर वैज्ञानिक तथ्यों को देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि च्यवनप्राश बेहतरीन हेल्थ सप्लीमेंट की तरह भी काम करता है। यह भारतीय परंपरा और आधुनिक विज्ञान का संगम है।





 
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