लद्दाख में सुरक्षाबलों ने चीनी सैनिक को पकड़ा, बरामद हुए सैन्य दस्तावेज,औपचारिकताओं के बाद छोड़ा जाएगा
पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव के बीच सुरक्षाबलों ने चुमार-डेमचोक इलाके में एक चीनी सैनिक को हिरासत में लिया था। माना जा रहा है कि उसने अनजाने में भारतीय क्षेत्र में प्रवेश किया होगा। नियत प्रक्रिया का पालन करने के बाद स्थापित प्रोटोकॉल के अनुसार उसे चीनी सेना को वापस कर दिया जाएगा।
इस संबंध में भारतीय सेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि पीएलए के सैनिक की पहचान कॉर्पोरल वांग या लॉन्ग के रूप में हुई है। जो पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में एलएसी के पार जाने के बाद पकड़ा गया। उसे अत्यधिक ऊंचाई पर और कठोर जलवायु परिस्थितियों से बचाने के लिए चिकित्सा सहायता, भोजन और गर्म कपड़े प्रदान किए गए हैं।
A request has also been received from the PLA about the whereabouts of the missing soldier. As per established protocols, he will be returned back to Chinese officials at the Chushul – Moldo meeting point after completion of formalities: Indian Army https://t.co/9VtcgcGnh1
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 19, 2020
सेना ने अपने बयान में कहा है कि उसे लापता सैनिक के संबंध में पीएलए की ओर से अनुरोध मिला है। प्रोटोकॉल के अनुसार, सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चुशूल के मोल्दो में बैठक के लिए निर्धारित स्थान पर उसे चीनी अधिकारियों के सुपुर्द कर दिया जाएगा।
Chinese soldier apprehended by security forces in Chumar-Demchok area of Ladakh. He might have entered Indian territory inadvertently. He will be returned to Chinese Army as per established protocol after following due procedure: Sources pic.twitter.com/i23MjkNyqA
— ANI (@ANI) October 19, 2020
खबरों के मुताबिक, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) का सिपाही सिविल और सैन्य दस्तावेज लेकर जा रहा था, जब उसे सेना ने पकड़ लिया। गौरतलब है कि मई महीने से भारत और चीन सेना के बीच सीमा पर तनाव जारी है।
इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प भी हुई है। 15 जून की रात को लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद सीमा पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया।
वहीं, इस झड़प में हताहत हुए चीनी सैनिकों की संख्या को लेकर बीजिंग की तरफ से कोई जानकारी साझा नहीं की गई। हालांकि, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस झड़प में चीनी सेना के 43 जवान हताहत हुए थे।
पिछले महीने, सीमा पर दो से ज्यादा बार हवाई फायरिंग की गई। इस दौरान दोनों देशों के सैनिक पेगोंग त्सो इलाके में एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। वहीं, सीमा पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुई हैं। हालांकि, अभी तक इसे लेकर कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है।