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चीन की भारत को धमकी, अपने मुखपत्र में कहा, एक इंच क्षेत्र भी नहीं छोड़ेंगे

Sat, 06 Jun 2020 03:24 PM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 06 Jun 2020 03:24 PM IST
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Chinese media warns ahead of India-China meeting over border standoff, says Will not give up any inch of territory
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : पीटीआई

भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में महीनों तक चले सीमा विवाद को लेकर दोनों के बीच शनिवार को कॉर्प्स कमांडर स्तर की बैठक हुई। वहीं, बैठक से एक दिन पहले चीन सरकार ने अपने मुखपत्र में चेतावनी दी कि वह एक इंच भी क्षेत्र नहीं छोड़ेगा। हालांकि, मुखपत्र में बीजिंग ने कहा कि वह नई दिल्ली के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध चाहता है। 

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ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित संपादकीय में कहा गया है कि चीन भारत की दुर्गति नहीं करना चाहता। पिछले कई दशकों में अच्छे-पड़ोसी संबंध चीन की मूल राष्ट्रीय नीति रही है और चीन सीमा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का पालन करता है। हमारे पास भारत को अपना दुश्मन बनाने का कोई कारण नहीं है।
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इसमें कहा गया है कि लेकिन चीन एक इंच भी क्षेत्र नहीं छोड़ेगा। भारत एक रणनीतिक गलतफहमी पैदा कर चीन के क्षेत्र में घुसा, लेकिन चीन ने कभी इसकी निंदा नहीं की। हालांकि, चीन मजबूत प्रतिवाद करने के लिए बाध्य है। हमारा मानना है कि भारत अच्छी तरह जानता है कि चीन सीमा क्षेत्र के साथ किसी भी चीन-भारत सैन्य अभियान में नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
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अखबार में कहा गया कि भारत चीन-भारत सहयोग के साथ एक शांतिपूर्ण अंतरराष्ट्रीय माहौल का आनंद उठाएगा। इसमें कहा गया है कि लेकिन अगर दोनों देश सीमा विवाद को लेकर आमने-सामने आते हैं, तो पूरा हिमालय क्षेत्र और भारतीय उपमहाद्वीप इससे अस्थिर होगा। कोई भी बाहरी शक्ति इसे बदल नहीं पाएगी। सीमा क्षेत्र के साथ शांति स्थापित करना और दोस्ताना सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा। 

इसमें आगे कहा गया है कि चीन ने भारत के प्रति अपनी दोस्ताना नीतियां साफ कर दी है, इसलिए भारत को वाशिंगटन द्वारा मूर्ख बनने के बजाय एहसान वापस करना चाहिए। चीन की रणनीतिक स्थिति उतनी भयानक नहीं है। चूंकि हम अमेरिकी दमन से डरते नहीं हैं, तो हम अपने देश के आगे परेशानी खड़ी करने के लिए अमेरिकी समर्थन वाली सेना को कैसे कुछ करने दे सकते हैं?


गौरतलब है कि, भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ  लगे कई क्षेत्रों में लगभग एक महीने से झड़प की खबरें सामने आ रही हैं। 
 

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