{"_id":"5d5e88888ebc3e6c785ea1b0","slug":"chinese-media-is-mouth-piece-of-chinese-government-govt-financially-help-them-behind-the-curtain","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रचार युद्ध में चीन का हथियार है चीनी मीडिया, पर्दे के पीछे से देता है मदद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
प्रचार युद्ध में चीन का हथियार है चीनी मीडिया, पर्दे के पीछे से देता है मदद
Thu, 22 Aug 2019 05:50 PM IST
Harendra Chaudhary
चीन से लौटकर विनोद अग्निहोत्री, अमर उजाला
चीन से लौटकर विनोद अग्निहोत्री, अमर उजाला
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 22 Aug 2019 05:50 PM IST
सार
- खत्म हुआ पीपुल्स डेली और समाचार एजेंसी शिन्हुआ का एकाधिकार
- अंग्रेजी में अखबारों, टीवी चैनल्स और न्यूज वेबसाइट्स की भरमार
- पिछले सालों में मीडिया में आए कई बदलाव
- कॉपीराइट और सरकारी योजनाओं से कमाई
- टाइगर हंट के जरिए भ्रष्टाचार से लड़ाई
- पश्चिमी मीडिया की बजाय सीधे हो संवाद
- चीनी जनता में हिंदी को लेकर दिलचस्पी
विज्ञापन
Chinese Media
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत की तरह चीन का मीडिया सतरंगा नहीं है। बल्कि अपने देश और सरकार के लिए सूचनाएं, आंकड़े और जानकारियां जुटाने तथा जनमत को प्रभावित करने का एक बड़ा हथियार है, जिसे दुनिया के प्रचार युद्ध में चीन बड़ी होशियारी के साथ सफलतापूर्वक इस्तेमाल कर रहा है। हालाकि माओ युग के चीन में वहां सरकारी समाचार पत्र रेन मिन रिपाओ यानी पीपुल्स डेली और समाचार एजेंसी शिन्हुआ का ही एकाधिकार था, जो अब पूरी तरह टूट गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चीन में अंग्रेजी अखबार और चैनल्स की भरमार
बीजिंग से लेकर शंघाई तक चीन में चीनी भाषा के साथ अंग्रेजी में भी कई अखबार, टीवी चैनल्स और डिजिटल न्यूज वेबसाइट्स की भरमार है। चीनी मीडिया का व्यवसायिक मॉडल भी बेहद दिलचस्प है। आमतौर पर कम्युनिस्ट व्यवस्था में सिर्फ सरकारी मीडिया ही होता है, जो सरकार के खिलाफ लिखने की बजाय सरकारी नीतियों के प्रचार प्रसार का ही काम करता है। जबकि लोकतांत्रिक देशों में सरकारी मीडिया के साथ निजी मीडिया भी होता है, जिसे अपनी संपादकीय नीति तय करने की पूरी आजादी होती है और सरकार की आलोचना करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त होता है।
विज्ञापन
चीन में पिछले 10 सालों में काफी कुछ बदला
लंबे समय तक चीन में भी यही रहा और सिर्फ गिने-चुने सरकारी अखबार, पत्रिका, टीवी, रेडियो और एजेंसी ही मीडिया के नाम पर थे। लेकिन पिछले दस वर्षों के दौरान जबसे पूरी दुनिया में सूचना तकनीक और सोशल मीडिया की इंटरनेट क्रांति हुई है, तभी से वहां चीनी भाषा के अलावा अंग्रेजी में कई अखबार, टीवी चैनल, एफएम रेडियो, डिजिटल न्यूज पोर्टल शुरू किए गए हैं।
विज्ञापन