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Hindi News ›   India News ›   Foreign Minister of China in Delhi: Representative level talks with Jaishankar, also met Doval, will invite BRICS to PM, know all updates

डोभाल की चीनी विदेश मंत्री को दो टूक: सीमाई क्षेत्र से सेना हटाना पहली शर्त, तभी आगे बढ़ सकते हैं दोनों देशों के रिश्ते

Fri, 25 Mar 2022 01:16 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 25 Mar 2022 01:16 PM IST
सार

लद्दाख मामले में अब तक 15 बार सैन्य कमांडर स्तरीय वार्ता हो चुकी है, लेकिन  कई क्षेत्रों को लेकर गतिरोध कायम है। बीते दो सालों में कोरोना महामारी के चलते चीन के किसी नेता की भारत यात्रा नहीं हुई थी। इसी दौरान लद्दाख गतिरोध को लेकर भी तनाव बढ़ गया था। 

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Foreign Minister of China in Delhi: Representative level talks with Jaishankar, also met Doval, will invite BRICS to PM, know all updates
China - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

चीन के विदेश मंत्री वांग यी को शुक्रवार को एनएसए अजित डोभाल ने साफ कहा कि लद्दाख के बाकी इलाकों से भी सेना तुरंत हटाई जाए, इसके बगैर द्विपक्षीय रिश्ते सामान्य नहीं हो सकेंगे। सीमा पर शांति बहाली से ही परस्पर विश्वास बढ़ेगा।मौजूदा स्थिति दोनों देशों के हित में नहीं है। चीन विदेश मंत्री यी ने हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री जयशंकर के साथ भी पहले व्यक्तिगत व फिर प्रतिनिधि स्तरीय वार्ता की। 

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वार्ता से जुड़े सूत्रों ने बताया कि डोभाल ने यी से कहा कि कूटनीतिक व सैन्य स्तर पर सकारात्मक बातचीत रिश्तों को सामान्य बनाने की पूर्व शर्त है। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी कार्रवाई से दोनों देशों की सुरक्षा का हनन नहीं हो। इस दिशा में प्रयास करना होंगे। साथ ही जितनी जल्दी हो बकाया मसलों को हल किया जाना चाहिए।  सूत्रों के अनुसार चीनी पक्ष ने एनएसए डोभाल को चीन यात्रा को न्योता दिया तो उन्होंने सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि वह चीन यात्रा कर सकते हैं बशर्ते तात्कालिक मुद्दों को सफलातपूर्वक सुलझा लिया जाए। 
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चीन के विदेश मंत्री यी गुरुवार को दिल्ली पहुंचे थे। उनकी यात्रा का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच कोरोना महामारी के दौर के बाद प्रत्यक्ष वार्ता शुरू करना है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस साल होने वाली ब्रिक्स देशों की बीजिंग बैठक का  न्योता भी देने वाले हैं। जयशंकर ने चीनी समकक्ष के साथ कई मुद्दों पर बात की है। वार्ता शुरू होने के पूर्व उन्होंने ट्वीट किया चीन के विदेश मंत्री -'वांग यी का हैदराबाद हाउस में स्वागत है।'

जयशंकर के साथ तीन घंटे चर्चा, कही खरी-खरी
एनएसए डोभाल से मुलाकात के बाद चीनी विदेश मंत्री यी ने विदेश मंत्री जयशंकर के साथ हैदराबाद हाउस में चर्चा की। चर्चा के बाद जयशंकर ने बताया, 'यी के साथ मेरी बातचीत अभी समाप्त हुई है। हमने लगभग 3 घंटे तक चर्चा की और खुले और स्पष्ट तरीके से एक व्यापक मूल एजेंडे पर बात की। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की जो अप्रैल 2020 से चीनी कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप बाधित हुई है।'

1993 व 1966 के समझौतों का उल्लंघन हुआ
जयशंकर ने कहा कि 1993-96 के समझौतों का उल्लंघन हुआ है। इसमें एलएसी पर बड़ी संख्या में सैनिकों की मौजूदगी शामिल है। इसको देखते हुए हमारे संबंध (वर्तमान में चीन के साथ) सामान्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'वर्तमान स्थिति को मैं एक 'वर्क इन प्रोग्रेस' कहूंगा। हालांकि यह धीमी गति से हो रहा है... इसे आगे ले जाने की आवश्यकता है क्योंकि एलएसी से सेना की वापसी आवश्यक है। यूक्रेन पर हमने अपने-अपने दृष्टिकोणों और परिप्रेक्ष्य पर चर्चा की लेकिन सहमति व्यक्त की कि कूटनीति और बातचीत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ क्वाड बैठक पर कोई चर्चा नहीं हुई। 

इस्लामाबाद में की कश्मीर पर टिप्पणी, भारत ने खारिज की
वांग यी ने दिल्ली पहुंचने से पहले इस्लामाबाद में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की बैठक में भाग लिया। वहां उन्होंने कहा था कि कश्मीर पर हमने आज फिर से अपने कई इस्लामिक दोस्तों की आवाज सुनी। चीन भी उसी आशा को साझा करता है। हालांकि, भारत ने कश्मीर पर उनकी टिप्पणी को खारिज कर दिया और कहा था कि चीन सहित अन्य देशों को उसके आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

दो साल से लद्दाख में गतिरोध
मई 2020 के बाद से दोनों देशों के बीच लद्दाख में गतिरोध कायम है। इसके बाद से किसी वरिष्ठ चीनी नेता की यह पहली भारत यात्रा है। पिछले महीने विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि चीन के साथ भारत के संबंध बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं। गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष के बाद दोनों देशों ने गतिरोध दूर करने के लिए कई दौर की सीमा वार्ता की है। भारत लद्दाख में तनाव वाले सभी इलाकों से सेना की पूरी तरह वापसी पर अड़ा हुआ है। 


15 बार हो चुकी सैन्य कमांडर स्तर की वार्ता
इसी माह 11 मार्च को दोनों देशों के बीच चुशुल-मोल्डो सीमा चौकी पर सैन्य कोर कमांडर स्तर की वार्ता का 15वां दौर हुआ। इसमें दोनों पक्ष पश्चिमी सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर सहमत हुए। 

तिब्बत का मुद्दा उठाने का अनुरोध
इस बीच, तिब्बत के निर्वासित सांसद थुबटेन ग्यात्सो ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वह चीनी विदेश मंत्री के साथ बैठक में तिब्बत के मुद्दे को उठाए।  उन्होंने कहा कि वह यह भी अनुरोध करे कि चीन सरकार दलाई लामा के साथ बातचीत शुरू करे और तिब्बत में दमनकारी नीति बंद करे। 

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