{"_id":"59cf33e94f1c1ba2538b5161","slug":"chinese-ambassador-to-india-luo-zhaohui-says-india-china-should-make-one-plus-one-eleven","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीनी राजदूत ने भारत से कहा- दोनों देशों को मिलकर एक और एक 11 बनना चाहिए","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
चीनी राजदूत ने भारत से कहा- दोनों देशों को मिलकर एक और एक 11 बनना चाहिए
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 30 Sep 2017 11:56 AM IST
विज्ञापन
चीनी राजदूत
- फोटो : ANI
भारत और चीन के रिश्तों में पिछले कुछ महीनों में खटास बढ़ गई है। ऐसे में चीनी राजदूत ने दोनों देशों को एकजुटता का संदेश दिया है। शनिवार (30 सितंबर) को चीनी राजदूत लाऊ झाओहुई ने कहा कि दोनों देशों को साथ मिलकर 'एक और एक ग्यारह' बनना चाहिए।
लाऊ ने यह भी बताया कि पिछले महीने जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात हुई थी तो उससे पूरे विश्व को दोनों देशों के बीच हुई सुलह और सहयोग का संदेश मिला था। राजदूत ने आगे कहा कि दोनों देशों को पुराने अध्याय भूलकर नए पन्ने पलटकर आगे बढ़ना चाहिए। लाऊ ने आगे कहा हम लोगों को साथ डांस करना चाहिए, हमें एक और एक ग्यारह हो जाना चाहिए।
यहां भी पढ़ें: भारत-चीन युद्ध के बाद से बंद गर्तांगली 55 साल बाद खुला, भ्रमण के लिए देश के 50 पर्यटकों का दल रवाना
विज्ञापन
दोनों देशों के बीच ताजा विवाद डोकलाम को लेकर था। वहां चीन एक सड़क बनाने की कोशिश में था। जिसपर भूटान और भारत को आपत्ति थी। चीन के ना मानने पर युद्ध जैसी स्थिति हो गई। दोनों देशों के सैनिकों के बीच पत्थरबाजी और हाथापाई भी हुई। अंत में दोनों देशों ने आपसी रजामंदी से सैनिकों को पीछे कर लिया। भारत और चीन के विवाद और भी हैं। चीन भारत के दुश्मन देश पाकिस्तान की मदद करता है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों पर भी चीन अपना हक जताने की कोशिश करता रहा है।
विज्ञापन
लाऊ ने यह भी बताया कि पिछले महीने जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात हुई थी तो उससे पूरे विश्व को दोनों देशों के बीच हुई सुलह और सहयोग का संदेश मिला था। राजदूत ने आगे कहा कि दोनों देशों को पुराने अध्याय भूलकर नए पन्ने पलटकर आगे बढ़ना चाहिए। लाऊ ने आगे कहा हम लोगों को साथ डांस करना चाहिए, हमें एक और एक ग्यारह हो जाना चाहिए।
विज्ञापन
यहां भी पढ़ें: भारत-चीन युद्ध के बाद से बंद गर्तांगली 55 साल बाद खुला, भ्रमण के लिए देश के 50 पर्यटकों का दल रवाना
विज्ञापन
दोनों देशों के बीच ताजा विवाद डोकलाम को लेकर था। वहां चीन एक सड़क बनाने की कोशिश में था। जिसपर भूटान और भारत को आपत्ति थी। चीन के ना मानने पर युद्ध जैसी स्थिति हो गई। दोनों देशों के सैनिकों के बीच पत्थरबाजी और हाथापाई भी हुई। अंत में दोनों देशों ने आपसी रजामंदी से सैनिकों को पीछे कर लिया। भारत और चीन के विवाद और भी हैं। चीन भारत के दुश्मन देश पाकिस्तान की मदद करता है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश के हिस्सों पर भी चीन अपना हक जताने की कोशिश करता रहा है।
We should dance together. We should “make one plus one eleven”: Chinese Ambassador to India Luo Zhaohui
— ANI (@ANI) September 30, 2017