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घुसपैठ की हरकतों से बाज नहीं आ रहा चीन, अब पूर्वी लद्दाख में भारतीय क्षेत्र में गाड़े टैंट
Mon, 26 Jul 2021 03:07 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लेह
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Mon, 26 Jul 2021 03:07 PM IST
सार
चीनी सेना ने फिर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने भारतीय सीमा क्षेत्र के भीतर अब अपने तंबू लगा दिए हैं। उन्हें भारतीय सीमा क्षेत्र से वापस जाने के लिए कहा गया, लेकिन उनकी मौजूदगी अभी भी बनी हुई है। मई 2020 में भारत और चीन के बीच स्टैंड ऑफ हुआ था, जिसके बाद से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में बीते साल 2020 की मई में भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बीच खूनी संघर्ष हुआ था। तबसे सीमा पर तनाव अब भी जारी है। कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकला है। वहीं, दूसरी ओर चीन घुसपैठ के हथकंडो से बाज नहीं आ रहा है। खबर है कि पूर्वी लद्दाख के डेमचोक के चार्डिंग नला में चीनी सेना ने भारतीय क्षेत्र में टैंट लगा दिए हैं, जबकि दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच वार्ता की अगली तारीख अभी तय भी नहीं है।
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अधिकारियों ने कहा कि कब्जा कर टैंटों में रह रहे इन 'कथित नागरिकों' को वापस जाने के लिए कहा गया, लेकिन उनकी 'मौजूदगी बनी हुई है'। पूर्वी लद्दाख में डिसइंगेजमेंट और डि-एस्केलेशन को लेकर कमांडर लेवल की वार्ता आखिरी बार अप्रैल माह में हुई थी। मई 2020 में भारत और चीन के बीच स्टैंड ऑफ हुआ था जिसके बाद से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। इस स्टैंड ऑफ में 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, भारत की ओर से 45 चीनी सैनिकों को मारने का दावा किया गया था।
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हालांकि, सोमवार को चीन की ओर से 12वीं कॉर्प्स कमांडर लेवल की वार्ता के लिए पेशकश की गई, लेकिन भारत की ओर से इस वार्ता को स्थगित कर दिया गया क्योंकि देश आज 26 जुलाई को 'कारगिल विजय दिवस' मना रहा है। कारगिल विजय दिवस साल 1999 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में विजय को लेकर मनाया जाता है।
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डेमचोक में चीन की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि सरकार चीन को हैंडल नहीं कर पा रही है और उनकी कार्रवाई को नजरअंदाज कर रही है जो समस्या का कारण बन सकती है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'भारत सरकार चीन को हैंडल करने से अनजान है। उनकी गतिविधियों को नजरअंदाज करने से भविष्य में बहुत बड़ी समस्या हो सकती है।'
बता दें कि 1990 के दशक में इंडिया-चाइना वर्किंग ग्रुप्स की बैठकों में दोनों पक्ष इस बात को लेकर सहमत हुए थे कि डेमचोक और ट्रिग हाईट्स वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर विवादित बिंदु हैं। इसके बाद अलग-अलग परसेप्शंस पर एलएसी पर 10 क्षेत्रों की पहचान की गई थी जिनके नाम 'समर लुंगपा, डेपसांग बल्गे, पॉइंट 6556, चांगलुंग नला, कोंगका ला, पेंगोंग सो नॉर्थ बैंक, स्पंगर, माउंट सजुन, डमचेले और चुमार' हैं। हालिया पूर्व लद्दाख में स्टैंड-ऑफ शुरू होने के बाद पांच और फ्रिक्शन पॉइंट्स जोड़े गए हैं। इनके नाम 'गलवान घाटी में 120 किमी, श्योक सुला क्षेत्र में पीपी 15 और पीपी 17 ए, रिचिन ला और रेंजाग ला' हैं।
हाल ही में भारतीय सेना ने उत्तरी कमान में काउंटर टेररिज्म ऑपरेशन में जुटे सैनिकों को वापस बुला लिया था और उन्हें पूर्वी लद्दाख की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर में तैनात किया गया था।