इन कारणों से 7 वर्षों में कम हुई नवजातों की मृत्युदर, अच्छी सेहत का संकेत है यह

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Wed, 07 Feb 2018 10:56 AM IST
children born in the country are Healthy according to latest national health data
mother-child
पिछले सात सालों में भारत में जन्म लेने वाले बच्चों का वजन पहले से कहीं ज्यादा है।  नए राष्ट्रीय हेल्थ डाटा से पता चला है कि वर्ष 2010 से 2015 के बीच जन्में 88 फीसदी बच्चों का वजन 2.5 किलोग्राम से ज्यादा रहा। 
एक दशक पहले की तुलना में बच्चों को होने वाले रोगों की दर और मृत्यु दर में भी 22 प्रतिशत की गिरावट भी आई है। यह अच्छी सेहत, शिक्षा, समृद्धि, मां की जागरूकता और बेहतर सेहत सुविधाओं की वजह से हो पाया है। 

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएचएफएस-4) की रिपोर्ट 2015-16 के मुताबिक दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पैदा हुए बच्चों (26.2 फीसदी) का वजन देश में सबसे कम रहा है। वहीं उत्तराखंड में 24.7 प्रतिशत और दादर एवं नगर हवेली में 23.1 फीसदी का वजन 2.5 किग्रा से कम रहा।

 रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जिन नवजात का वजन जन्म के समय ढाई किलोग्राम से कम होता है, उन पर कम उम्र में अकाल मृत्यु का खतरा अधिक होता है। 1992 से शुरू हुआ यह अध्ययन देश के परिवार कल्याण, मां व बच्चों के स्वास्थ्य पोषण और सेहत के अन्य मापदंड को जानने का महत्वपूर्ण स्रोत है।
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बच्चों की हेल्थ में हो रहे सुधार की बड़ी वजह  मां की शिक्षा

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