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Centre: 'छह साल से कम आयु के बच्चों को फोस्टर केयर में नहीं रखा जा सकता', नियमों में बदलाव पर सरकार का जवाब

Wed, 24 Sep 2025 04:16 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Wed, 24 Sep 2025 04:16 PM IST
सार

पिछले सप्ताह केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) ने किशोर न्याय नियमों के नियम 23(3) और मॉडल फोस्टर केयर गाइडलाइंस के बिंदु 4(1) का उल्लेख किया था। इसमें कहा गया कि केवल छह वर्ष और उससे अधिक आयु के बच्चे ही अधिनियम के नियम 44 की परिस्थितियों के तहत फोस्टर केयर में रखे जाने के पात्र हैं।

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'Children below six years of age cannot be kept in foster care', government's response to the change in rules
केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) - फोटो : https://cara.wcd.gov.in/

विस्तार

केंद्र सरकार ने किशोर न्याय नियम और मॉडल फोस्टर केयर गाइडलाइंस में किए गए बदलाव के बाद उठे सवालों का जवाब दिया है। केंद्र सरकार ने कहा कि छह साल से कम आयु के बच्चों को फोस्टर केयर (पालक देखभाल) में नहीं रखा जा सकता। 
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पिछले सप्ताह केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) ने किशोर न्याय नियमों के नियम 23(3) और मॉडल फोस्टर केयर गाइडलाइंस के बिंदु 4(1) का उल्लेख किया था। इसमें कहा गया कि केवल छह वर्ष और उससे अधिक आयु के बच्चे ही अधिनियम के नियम 44 की परिस्थितियों के तहत फोस्टर केयर में रखे जाने के पात्र हैं।
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ज्ञापन में कहा गया है, "इसलिए यह दोहराया जाता है कि छह वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे को फोस्टर केयर (पालक देखभाल) के तहत नहीं रखा जाएगा। इसमें किसी भी प्रकार की अनदेखी या लापरवाही किशोर न्याय नियम और मॉडल फोस्टर केयर गाइडलाइंस, 2024 का उल्लंघन माना जाएगा।"

यह निर्देश सभी राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन एजेंसियों (SARAs), जिला बाल संरक्षण इकाइयों (DCPU) और विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसियों (SAA) को एकरूप अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए भेजे गए हैं। 


फोस्टर केयर को उन बच्चों के लिए एक वैकल्पिक परिवार आधारित देखभाल प्रणाली के रूप में शुरू किया जा रहा है, जिनकी देखभाल उनके जैविक माता-पिता द्वारा नहीं की जा सकती, लेकिन उन्हें गोद लेने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र घोषित नहीं किया गया है।

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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गैर-संस्थागत देखभाल (जिसमें प्रायोजन, फोस्टर केयर और आफ्टरकेयर शामिल हैं) का दायरा 2021-22 से 2023-24 के बीच चार गुना बढ़ गया है। 2021-22 में 29,331 बच्चों को गैर-संस्थागत देखभाल के दायरे में लाया गया। 2022-23 में यह संख्या बढ़कर 62,675 और 2023-24 में 1,21,861 हो गई।
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