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Manipur Violence: CDS बोले- मणिपुर की चुनौतियों से निपटने में लगेगा समय, हम हर स्थिति का सामना करने को तैयार
Tue, 30 May 2023 04:55 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 30 May 2023 04:55 PM IST
सार
भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि मणिपुर में हो रही हिंसा दो जातियों के बीच टकराव है और कानून व्यवस्था की स्थिति है। हम इस समस्या में राज्य सरकार की मदद कर रहे हैं।
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सीडीएस जनरल अनिल चौहान
- फोटो : ANI
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विस्तार
जातिगत हिंसाग्रस्त मणिपुर में उपजी परेशानियों का सेना बखूबी सामना कर रही है। लोगों की मदद से लेकर हाल में टूटे वैनम पुल की मरम्मत तक का काम बखूबी किया है। वहीं हिंसा को लेकर भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान का बयान आया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि मणिपुर में चुनौतियां गायब नहीं हुई हैं, लेकिन उम्मीद जताई कि कुछ समय में चीजें ठीक हो जाएंगी साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर राज्य में स्थिति अब उग्रवाद से संबंधित नहीं है।
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सीडीएस चौहान मंगलवार को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के 144वें कोर्स की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण करने पुणे पहुंचे थे। इस दौरान मणिपुर की स्थिति के बारे में उनसे सवाल पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा कि सेना और असम राइफल्स को 2020 से पहले मणिपुर में तैनात किया गया था। मणिपुर में अब स्थिति उग्रवाद से संबंधित नहीं है। साथ ही बताया कि उत्तरी सीमाओं की चुनौतियां कहीं अधिक थीं इसलिए हमने सेना को वापस बुलाया। चूंकि उग्रवाद संबंधी समस्याएं कम हो रही हैं इसलिए भी हम ऐसा कर पाए। सेना हर स्थिति का सामना करने को तैयार है।
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उन्होंने कहा कि यह दो जातियों के बीच टकराव है और कानून व्यवस्था की स्थिति है। हम इस समस्या में राज्य सरकार की मदद कर रहे हैं। मैं कहना चाहूंगा कि सशस्त्र बलों और असम राइफल्स ने वहां एक उत्कृष्ट काम किया है और बड़ी संख्या में जान बचाई है। हालांकि मणिपुर में चुनौतियां गायब नहीं हुई हैं, इसमें कुछ समय लगेगा। उम्मीद है कि यह सुलझेगी और वहां सरकार सीएपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) आदि की मदद से काम करने में सक्षम होगी।
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कैडेटों को संबोधित करते हुए सीडीएस चौहान ने उत्तरी सीमाओं पर चीन की पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) की तैनाती पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हम यूरोप में युद्ध, उत्तरी सीमाओं पर चीन की पीएलए की तैनाती और पड़ोसी देशों में भू-राजनीतिक संकट देखते हैं। ये संकट भारत के लिए चुनौती पेश करते हैं, लेकिन सशस्त्र बल क्षेत्र में भारत के दावों की वैधता और शांति बनाए रखने के लिए दृढ़ हैं।