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Kerala: सीएम पिनराई विजयन ने की पीएफआई हिंसा की निंदा, कहा- ये पूर्व नियोजित, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
Sat, 24 Sep 2022 08:51 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 24 Sep 2022 08:51 PM IST
सार
केरल के सीएम ने कहा कि यह राज्य के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश है। इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हड़ताल के दौरान पीएफआई के कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर हमला किया। इसमें से कई लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए फेस मास्क पहने हुए थे।
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पिनराई विजयन (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के खिलाफ देशभर में छापों और गिरफ्तारियों के विरोध में शुक्रवार को संगठन ने केरल बंद का आह्वान किया था। पीएफआई के बंद के दौरान केरल के कई शहरों में हिंसा के मामले भी सामने आए थे। पीएफआई द्वारा हिंसा के मामलों पर सीएम पिनराई विजयन ने एक दिन बाद प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शनिवार को कहा कि पीएफआई द्वारा की गई हिंसा पूर्व नियोजित थी। इसमें शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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विजयन ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी संघ के कार्यक्रम में हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि इससे सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि 'शुक्रवार की हड़ताल में, पीएफआई के नेतृत्व में केरल ने पूर्व नियोजित हिंसा देखी। राज्य में पीएफआई की ओर से आयोजित बंद में संगठित और हिंसक घटनाएं हुईं, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को भारी नुकसान हुआ।'
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दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा
उन्होंने आगे कहा कि यह राज्य के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश है। इसके दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हड़ताल के दौरान पीएफआई के कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक परिवहन वाहनों पर हमला किया। इसमें से कई लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए फेस मास्क पहने हुए थे। सीएम पिनराई विजयन ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने अस्थायी लाभ के लिए ऐसे तत्वों से हाथ मिलाया है।
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इस दौरान उन्होंने पीएफआई हिंसा के खिलाफ पुलिस की कोशिशों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हिंसा को नियंत्रित करने के लिए कड़ी कार्रवाई की। कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही पुलिस ने उन लोगों की पहचान करना शुरू कर दिया है जो अपने चेहरे को ढंककर हिंसा में शामिल थे। विजयन ने कहा कि केरल में सांप्रदायिक तत्व आतंकी व्यवहार कर रहे हैं। सांप्रदायिक-आतंकवादी तत्व कभी भी हमारे देश को एक साथ नहीं ला सकते हैं। उनका अपना एजेंडा है।
दर्ज किए गए 281 मामले
इस बीच, पुलिस ने जानकारी दी है कि 23 सितंबर की हिंसा के संबंध में कुल 281 मामले दर्ज किए गए और 1,013 गिरफ्तारियां दर्ज की गईं। इसके साथ ही 819 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया हैं।
15 राज्यों में हुई थी छापेमारी
NIA ने गुरुवार को PFI पर 15 राज्यों में 93 स्थानों पर छापा मारा। केरल-39, तमिलनाडु-16, कर्नाटक-12, आंध्र प्रदेश-7, तेलंगाना-1, उत्तर प्रदेश-2, राजस्थान-4, दिल्ली-2, असम-1, मध्य प्रदेश-1, महाराष्ट्र-4, गोवा-1, पश्चिम बंगाल-1, बिहार-1 और मणिपुर में 1 स्थान पर छापा मारा था। सूत्रों के मुताबिक, NIA के करीब 300 अधिकारी तलाशी अभियान में शामिल रहे। NIA डीजी ने ऑपरेशन की निगरानी की। 2010-11 से पहले PFI मामलों में कुल 46 आरोपियों को दोषी ठहराया गया था और PFI के खिलाफ मामलों में 355 आरोपियों पर पहले ही आरोपपत्र दायर किया जा चुका है। केरल में पीएफआई के सबसे अधिक 22 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। इनमें संगठन के अध्यक्ष ओएमए सलाम भी हैं।