मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी! कहीं बलिया भी हाथरस न बन जाए
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भाजपा के विधायक सुरेन्द्र सिंह ने अपने करीबी धीरेन्द्र सिंह उर्फ डब्लू के बचाव का खुला प्रदर्शन करके यूपी सरकार को सकते में डाल दिया है। पूर्व फौजी धीरेन्द्र सिंह ने वीडियो जारी करके खुद को निर्देष बताया है, लेकिन गोली लगने से मृत जयप्रकाश पाल के परिजनों के प्रयास से राजनीति गरमाने लगी है। समाजवादी पार्टी ने न केवल यूपी सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा हमला बोला है, बल्कि बलिया के दौरे की योजना भी बन रही है। सूचना है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस घटना को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने सावधानी नहीं बरती तो बलिया भी राजनीति का नया अखाड़ा बन सकता है।
अन्य पिछड़ा वर्ग के पाल की हत्या पर सरकार ने उठाया कदम, लेकिन विधायक ने बढ़ाई सरगर्मी
राज्य सरकार ने एसडीएम और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में जय प्रकाश पाल की हत्या का वीडियो वायरल होते ही घटना को तत्काल संज्ञान में लिया। यूपी सरकार ने तत्काल पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर कार्रवाई की, लेकिन विधायक सुरेन्द्र सिंह ने सरगर्मी काफी बढ़ा दी है। विधायक न केवल एसपी और जिलाधिकारी के कार्यालय तक आरोपी परिवार की महिलाओं और बच्चों को लेकर जा रहे हैं, बल्कि आमरण अनशन करने तक की धमकी दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी के एमएलसी संजय लाठर का कहना है कि यह योगी आदित्यनाथ की सरकार है। राज्य में कानून व्यवस्था का नया मॉडल पेश कर रही है।
कांग्रेस के नेता शिव राय का कहना है कि यूपी में कानून व्यवस्था नाम की चीज कहां है? कभी आधी रात को हाथरस में पीड़िता की लाश बिना परिवार के मर्जी के जला दी जाती है तो कभी कानपुर के अपराधी विकास दूबे को लेकर आ रही गाड़ी पलट जाती है। योगी आदित्यनाथ के समय में ही जेल में भी हत्या हो रही है। महिलाओं की इज्जत आबरू सुरक्षित नहीं है। समाजवादी पार्टी के नेता सुशील दूबे कहते हैं कि इस राज में क्षत्रिय के अलावा कौन सुरक्षित है? सरकार तो केवल मुसलमानों के खिलाफ जहर उगलकर नरेशन बदलने के बल पर चल रही है।
क्या हैं विधायक सुरेन्द्र सिंह के बोल.....सुनिए
विधायक सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि पूर्व फौजी क्षत्रिय है, इसलिए उनका प्रिय है। उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को नसीहत दी है। कहा कि अखिलेश यादव को यादव प्रिय हैं तो उन्हें (सुरेन्द्र सिंह) क्षत्रिय प्रिय हैं। विधायक ने आरोपी का साथ देते हुए कहा कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई है। विधायक आरोपी के परिवार के सदस्यों को लेकर उनकी तरफ से मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाने अफसरों के पास पहुंचे। चिकित्सा जांच के लिए दबाव बनाया और कहा कि मुकदमा दर्ज नहीं होता तो वह आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। इतना ही नहीं विधायक खुद पुलिस अधिकारियों के सामने इस घटना को लेकर रोने तक लगे। विधायक के प्रयास से साफ है कि हत्या और हिंसा का मुख्य आरोपी मृतक परिवार और उनसे जुड़ा समुदाय है। आरोपी धीरेन्द्र सिंह और उसका परिवार इस हादसे का पीड़ित है।
भाजपा नेताओं को रास नहीं आ रहे हैं विधायक जी के बोल
जौनपुर से भाजपा के नेता हैं। जाति से क्षत्रिय हैं और उनका कहना है कि सुरेन्द्र सिंह जैसे विधायकों ने ही भाजपा को बदनाम कर रखा है। प्रयागराज के विश्व हिन्दू परिषद के नेता का कहना है कि भाजपा और संघ के नेता अनुशासन के लिए जाने जाते हैं। उन्हें भी कभी-कभी मर्यादा तोड़ने की इस तरह की घटनाओं पर आश्चर्य होता है। दरअसल यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार सत्ता में है। राज्य प्रशासन बलिया की घटना पर लगातार ध्यान दे रहा है और इसके बाद भी विधायक जी का इस तरह का प्रयास शीर्ष स्तर के नेताओं को बेचैन कर रहा है। इससे तो यही संदेश जा रहा है कि मानो विधायक जी को अपनी ही सरकार पर भरोसा नहीं है।