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बिहारः चुनाव से पहले भाजपा पर दबाव बनाने में जुटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

Wed, 01 Jan 2020 03:11 AM IST
संजीव कुमार झा हिमांशु मिश्र, अमर उजाला
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Wed, 01 Jan 2020 03:11 AM IST
सार

  • प्रशांत किशोर की अधिक सीटों की मांग इसी रणनीति का हिस्सा
  • झारखंड चुनाव नतीजे के बाद लगातार हमलावर है जदयू

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Chief Minister Nitish Kumar is trying to make pressure on BJP before elections
nitish kumar

विस्तार

बिहार में अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जदयू अध्यक्ष और राज्य के सीएम नीतीश कुमार भाजपा पर दबाव बनाने में जुट गए हैं। उनकी रणनीति दबाव बना कर चुनाव में भाजपा से अधिक सीट हासिल करने की है। इसी रणनीति के तहत झारखंड चुनाव के नतीजे आने के बाद लगातार हमलावर रुख अपना रही जदयू की ओर से उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने चुनाव से बहुत पहले अधिक सीटों की मांग की है।

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दरअसल लोकसभा  चुनाव में काफी खींचतान के बाद दोनों दल बराबर सीटों पर लडने पर राजी हुए थे। भाजपा की कोशिश होगी कि विधानसभा चुनाव में भी इसी फार्मूले को अमलीजामा पहनाया जाए। इस फार्मूले के तहत अगर विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जदयू से अधिक सीटें जीत ली तो भाजपा बड़े भाई की भूमिका में आ जाएगी। ऐसे में भाजपा की अगुवाई में सरकार बनाने की संभावना भी बनेगी। जदयू ऐसी स्थिति आने नहीं देना चाहती।
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यही कारण है कि भाजपा पर हमला बोलने से पहले जदयू ने झारखंड के चुनाव नतीजे का इंतजार किया। राज्य में पार्टी ही हार के बाद भाजपा पर सबसे अधिक हमले जदयू की ओर से किए गए। जदयू ने भाजपा को दिवंगत पीएम वाजपेयी से गठबंधन धर्म सीखने की नसीहत दी। राजग में संवादहीनता होने और भाजपा नेतृत्व द्वारा मनमानी करने के आरोप लगाए। इसके बाद प्रशांत किशोर ने राज्य में जदयू की भाजपा से अधिक सीटों पर दावेदारी जताई।

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यह है समीकरण

राज्य का सियासी समीकरण ऐसा है कि जिसमें दोनों दलों को एक दूसरे की जरूरत है। जदयू के पास नीतीश के रूप में मजबूत चेहरा है, मगर पार्टी के पास कार्यकर्ताओं की फौज नहीं है। समर्थक मतदाताओं की संख्या भी कम है। दूसरी ओर भाजपा केपास कार्यकर्ताओं और समर्थकों की फौज तो है, मगर उसके पास कोई कद्दावर चेहरा नहीं है। नीतीश की बदौलत पार्टी की पैठ पिछड़ा वर्ग मतदाताओं में बढ़ती है।           

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