CJI Ramana: चीफ जस्टिस रमण बोले- चुनौती है न्यायिक प्रशासन... आज हो रहे हैं रिटायर
अपने संबोधन में चीफ जस्टिस ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट आने के बाद आश्चर्यजनक रूप से एक भी दिन के लिए मैंने तनावपूर्ण दिन का अनुभव नहीं किया।
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देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि न्यायिक प्रशासन एक चुनौती है और दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद पर उनके अनुभव ने देश के प्रधान न्यायाधीश के काम में उनकी बड़ी मदद की। चीफ जस्टिस रमण ने दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विदाई समारोह में यह बात कही। चीफ जस्टिस रमण के अवकाशग्रहण की पूर्व संध्या पर यह समारोह आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा, मैंने यहां (हाईकोर्ट में) रोस्टर तैयार करना, केसों को सूचीबद्ध करना, केसों का आवंटन आदि सीखा और इसने देश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में मेरी मदद की।
अपने संबोधन में चीफ जस्टिस ने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट आने के बाद आश्चर्यजनक रूप से एक भी दिन के लिए मैंने तनावपूर्ण दिन का अनुभव नहीं किया। इसका श्रेय तब के मेरे वरिष्ठ जजों को जाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली के ज्यादा से ज्यादा वकील सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होंगे। उन्होंने समारोह में आने के लिए सभी वकीलों का धन्यवाद दिया। इनमें वे छह वकील भी शामिल हैं जो अभी सुप्रीम कोर्ट के जज हैं।
समारोह में सुप्रीम कोर्ट के कई जज भी मौजूद थे। इनमें जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस इंद्राणी बनर्जी, जस्टिस रविंदर भट और जस्टिस संजीव खन्ना शामिल हैं। इनके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एससी शर्मा, जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल, जस्टिस मनमोहन व अन्य भी समारोह में मौजूद थे।
आज अवकाश ग्रहण करेंगे चीफ जस्टिस रमण
चीफ जस्टिस रमण एक साल चार महीने का कार्यकाल पूरा कर 26 अगस्त को देश के मुख्य न्यायाधीश के पद से अवकाश ग्रहण करेंगे। उनकी जगह जस्टिस यूयू ललित देश के नए मुख्य न्यायाधीश का पद संभालेंगे। चीफ जस्टिस रमण दो सितंबर 2019 को दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने थे और 17 फरवरी 2014 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे।
224 न्यायाधीशों को सफलतापूर्वक नियुक्त किया
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उनके कार्यकाल के दौरान कई उच्च न्यायालयों में लगभग 224 न्यायाधीशों को सफलतापूर्वक नियुक्त किया और दिल्ली उच्च न्यायालय से संबंधित लगभग सभी नामों को मंजूरी दे दी है और उम्मीद है कि इन सिफारिशों को केंद्र द्वारा भी मंजूरी दी जाएगी। जस्टिस रमण ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान न्यायाधीशों की नियुक्ति और बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दों को उठाया और आशा व्यक्त की कि वह कानूनी बिरादरी की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
मुझे आशा है कि मैं उस उम्मीद पर खरा उतरा जिसकी आपने मुझसे अपेक्षा की थी। मैंने मुख्य न्यायाधीश के रूप में अपने कर्तव्यों का हर संभव तरीके से निर्वहन किया। मैंने दो मुद्दों को उठाया है, आप सभी जानते हैं, बुनियादी ढांचा और न्यायाधीशों की नियुक्ति। सुप्रीम कोर्ट और कॉलेजियम में मेरे भाई और बहन जजों द्वारा दिए गए समर्थन के लिए धन्यवाद, हमने उच्च न्यायालयों में लगभग 224 न्यायाधीशों को सफलतापूर्वक नियुक्त किया।