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Jammu and Kashmir CEO : जम्मू और कश्मीर में मतदाता संख्या पर मची रार के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी को पदोन्नति
Sun, 11 Sep 2022 05:01 AM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sun, 11 Sep 2022 05:01 AM IST
सार
आईएएस अधिकारी हिरदेश कुमार को मार्च 2020 में जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। हिरदेश कुमार रियासी जिले के एसडीएम भी रह चुके हैं।
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हिरदेश कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
जम्मू और कश्मीर में चुनाव को लेकर चल रही सियासी रस्साकशी के बीच प्रदेश में एक बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने यहां तैनात मुख्य चुनाव अधिकारी आईएएस हिरदेश कुमार को पदोन्नति देकर भारत निर्वाचन आयोग में भेजा गया है। उन्हें नई जिम्मेदारी देते हुए निर्वाचन आयोग में उप चुनाव आयुक्त बनाया गया है। इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।
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आईएएस अधिकारी हिरदेश कुमार को मार्च 2020 में जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। हिरदेश कुमार रियासी जिले के एसडीएम भी रह चुके हैं। भारत निर्वाचन आयोग में उप चुनाव आयुक्त के तौर पर उनकी नियुक्ति पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए की गई है।
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यह आदेश कैबिनेट की नियुक्ति समिति की ओर से मंजूरी दिए जाने के बाद जारी किया गया है। वह उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा की जगह लेंगे। इस आदेश की प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय समेत सभी संबंधित विभागों को भेजी गई है। आदेश पर भारत सरकार की उप सचिव निधि श्रीवास्तव के हस्ताक्षर हैं।
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Chief Electoral Officer of Jammu and Kashmir Hirdesh Kumar appointed as Deputy Election Commissioner, Election Commission of India, for a tenure of 5 years pic.twitter.com/kwwkMVBsos
— ANI (@ANI) September 10, 2022
जम्मू-कश्मीर : बाहरी लोगों को वोटर बनाने के खिलाफ 10 दल आए साथ
इससे पहले शनिवार को जम्मू-कश्मीर में मतदाताओं की संख्या को लेकर दिन भर सियासी पारा चढ़ा रहै। कश्मीर में बाहरी लोगों को वोटर बनाए जाने के खिलाफ लड़ाई के लिए पीएजीडी, कांग्रेस समेत 10 दल एक मंच पर आ गए हैं। पीएजीडी प्रमुख डॉ. फारूक अब्दुल्ला की ओर से बुलाई गई बैठक में सर्वसम्मति से फैसला किया गया कि बाहरी वोटर किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी। भविष्य की रणनीति और आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए एक समिति गठित करने का भी फैसला किया गया।
यह समिति इस मुद्दे पर कानूनी, राजनीतिक और सामाजिक पहलुओं पर काम करेगी। इसमें सभी दलों के एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा। पीएजीडी में शामिल पांच दलों-नेकां, पीडीपी, सीपीआई (एम), सीपीआई व अवामी नेशनल कांफ्रेंस, कांग्रेस के साथ ही जम्मू आधारित पार्टियां डोगरा स्वाभिमान संगठन, डोगरा सदर सभा, शिवसेना बाला साहेब, जम्मू वेस्ट असेंबली मूवमेंट ने सर्वदलीय बैठक में शामिल होकर बाहरियों को मतदाता बनाने के फैसले का विरोध किया।