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Chhattisgarh: 77 साल में पहली बार इस गांव में पहुंचा दूरदर्शन, लोगों ने टीवी पर देखें ये प्रोग्राम

Sat, 14 Dec 2024 03:04 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sat, 14 Dec 2024 03:04 PM IST
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सार
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के दक्षिणतम छोर सुकमा जिले के अति-माओवाद प्रभावित और दुर्गम क्षेत्र पूवर्ती में विकास की एक नई किरण पहुंची है। पहली बार इस गांव के लोगों ने दूरदर्शन पर देश-दुनिया की खबरें, धारावाहिक और स्थानीय फिल्में देखी।
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Chhattisgarh: Doordarshan reached this village for  first time in 77 years, people watched this program on
छत्तीसगढ़ का एक गांव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 भारत देश को आजाद हुए भले ही 77 साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन आज भी कई ऐसे गांव हैं, जहां के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इन गावों में विकास के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। इन्हीं में से एक गांव है, छत्तीसगढ़ के दक्षिणतम छोर सुकमा जिले में जहां 77 साल बाद दूरदर्शन पहुंचा है। यहां लोगों ने पहली बार टीवी पर देश दुनिया की खबर देखी।


छत्तीसगढ़ के दक्षिणतम छोर सुकमा जिले के अति-माओवाद प्रभावित और दुर्गम क्षेत्र पूवर्ती में विकास की एक नई किरण पहुंची है। पहली बार इस गांव के लोगों ने दूरदर्शन पर देश-दुनिया की खबरें, धारावाहिक और स्थानीय फिल्में देखी। छत्तीसगढ़ शासन के महत्वाकांक्षी योजना नियद नेल्लानार  के अंतर्गत गांव पूवर्ती के बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी दूरदर्शन के कार्यक्रमों को देखने के लिए घंटों टीवी सेट के पास बैठे रहे।


दरअसल, पूर्वर्ती वही गांव हैं, जहां से सबसे बड़े नक्सली लीडर हिडमा, देवा सहित आधा दर्जन नक्सली आते हैं। आज इस गांव में विकास की नई बयार लिखी जा रही है। सुरक्षाबलों ने यहां कैंप स्थापित किया है। वही, जिला व पुलिस प्रशासन अंदरूनी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधा पहुंचाने का लगातार प्रयासरत है। इस पहल ने यह साबित किया है कि विकास की तेजी माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव हो रहा है. जिससे पूवर्ती, सिलगेर, टेकलगुड़ियम जैसे सुदूर गांवों में इस तरह की योजनाएं विकास और शांति का नया अध्याय लिख रही है।

बच्चों ने देखा ज्ञानवर्धक कार्यक्रम और कार्टून
इस अवसर पर गांव के बच्चों ने ज्ञानवर्धक कार्यक्रम और कार्टून देखकर न केवल खुशी का अनुभव किया, बल्कि उनके चेहरे पर सीखने और उत्सुकता की झलक भी साफ देखी गई। यह पहल ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुदूर गांवों तक पहुंचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियद नेल्लानार योजना का संचालन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पहल पर इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों तक केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है।
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