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Chhattisgarh: बघेल सरकार करेगी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन, बच्चों से लेकर बुजुर्ग ले सकेंगे भाग

Tue, 06 Sep 2022 06:06 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 06 Sep 2022 06:06 PM IST
सार

Chhattisgarh: छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल 2022 में कबड्डी, खो-खो, गेड़ी, पिट्ठुल, वॉलीबॉल, हॉकी और टेनिस बाल क्रिकेट को शामिल किया गया है। इन खेलों के मुकाबले पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में होंगे। वहीं ओलंपिक खेल का आयोजन चार स्तरों ग्राम पंचायत, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर होगा...

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Chhattisgarh: Bhupesh Baghel government will organize Chhattisgarhiya Olympic Games
Chhattisgarh: CM Bhupesh Baghel - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार एक साल पहले ही चुनावी मोड में आ गई है। प्रदेश में स्थानीय और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने नई पहल की है। प्रदेश में इस साल से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हुई मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इसमें फैसला लिया गया कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में जहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कबड्डी, खो-खो से लेकर टेनिस बाल क्रिकेट जैसे खेल प्रतियोगिताएं होंगी, तो वहीं इस ओलंपिक में बच्चों से लेकर सौ साल के बुजुर्ग भी बतौर प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे। खास बात यह कि छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल में शामिल होने के लिए खिलाड़ी को छत्तीसगढ़ का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।

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छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल 2022 में कबड्डी, खो-खो, गेड़ी, पिट्ठुल, वॉलीबॉल, हॉकी और टेनिस बाल क्रिकेट को शामिल किया गया है। इन खेलों के मुकाबले पुरुष और महिला दोनों श्रेणियों में होंगे। वहीं ओलंपिक खेल का आयोजन चार स्तरों ग्राम पंचायत, ब्लॉक, जिला एवं राज्य स्तर पर होगा। राज्य स्तर पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल का आयोजन राजधानी रायपुर में होगा। इन खेलों के आयोजन में तकनीकी सहायता हेतु छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के खेल प्रशिक्षक, राज्य और जिला खेल संघ के प्रतिनिधि एवं शिक्षा विभाग के शारीरिक शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक खेल के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए तैयार करेंगे। एथलीटों के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बतौर खिलाड़ी करियर को बढ़ाने का यह सुनहरा मौका है।

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खेल आयोजन के लिए होंगी कमेटियां

प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों एवं 146 ब्लॉक स्तर पर होने वाले खेल आयोजन के लिए अलग-अलग समितियां गठित की जाएंगी। ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समितियों के संयोजक सरपंच होंगे और ब्लॉक स्तर पर गठित समितियों के संयोजक विकासखंड अधिकारी होंगे। खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के भोजन, आवागमन एवं अन्य सुविधाओं के लिए ग्राम पंचायतों और विकासखंडों के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

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भूपेश बघेल ने बतौर मुख्यमंत्री शपथ लेने के बाद छत्तीसगढ़िया संस्कृति और ग्रामीण परंपरा को आगे बढ़ाने की विशेष पहल की है। मुख्यमंत्री बघेल खुद भी अनेक मौकों पर पारंपरिक खेलों में हाथ आजमाते नजर आते हैं। मुख्यमंत्री का पारंपरिक खेलों से लगाव इस तरह से भी देखने को मिला है कि भेंट मुलाकात समेत उनके कार्यक्रम के दौरान वे बच्चों के बीच पहुंचकर भौंरा, कंचे, गुल्ली-डंडा, पिट्ठुल खेलने लगते हैं।

छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद का होगा गठन’

इसके अलावा कैबिनेट में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुसूचित जाति वर्ग के हित में तत्परता से कार्यवाही एवं उनसे संबंधित नीति विषयक मामलों में अनुशंसा के लिए अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद के गठन का निर्णय लिया है। इस परिषद के गठन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति वर्ग की बेहतरी और उनके जीवन स्तर में तेजी से सकारात्मक बदलाव लाना है तथा उन्हें शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है।

इस परिषद के गठन से राज्य में अनुसूचित जाति वर्ग के हित में संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए सार्थक सलाह-मशविरा मिलने के साथ ही बेहतर मॉनिटरिंग हो सकेगी। परिषद की अनुशंसा के आधार पर शासन-प्रशासन को अनुसूचित जाति वर्ग की बेहतरी के लिए आवश्यक सुधार के फैसले लेने में मदद मिलेगी। परिषद में इस वर्ग के चुने हुए प्रतिनिधि सदस्य समाज की स्थिति एवं समस्याओं के निराकरण में सहभागी बनेंगे। इससे अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याणकारी कार्यक्रमों के संचालन में आसानी होगी।



छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जनजाति से संबंधित विषयक पर अनुशंसा के लिए छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति सलाहकार परिषद का गठन पूर्व में ही हो चुका है। इसी तर्ज पर छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद का गठन किए जाने प्रक्रिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप शुरू कर दी गई है। इस परिषद् में वर्ग विशेष की समस्या आवश्यकता पर विचार किया जाएगा। वहीं इसमें अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण संबंधी निर्णय लिए जाएंगे।

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