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चेन्नई: 27 हफ्तों में ही जन्मी प्रीमैच्योर बच्ची, 900 ग्राम था वजन, डॉक्टरों ने लगाया पेसमेकर
Sun, 17 Nov 2019 11:14 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: अनवर अंसारी
Updated Sun, 17 Nov 2019 11:14 AM IST
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चेन्नई के निजी अस्पताल में एक किलोग्राम से भी कम वजन की प्रीमैच्योर बच्ची को पेसमेकर लगाया गया। 27 हफ्ते की गर्भावस्था के बाद ही बच्ची का जन्म हो गया था। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के हृदय में जन्मजात ही ब्लॉकेज था। सामान्य व्यक्ति का हृदय एक मिनट में 140 से 160 बार धड़कता है, लेकिन उसका हृदय केवल 55 से 60 बार ही धड़क रहा था।
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सूर्या हॉस्पिटल की वरिष्ठ परामर्शदाता नियोनैटसेलॉजिस्ट दीपा हरिहरण ने बताया कि दुनिया में अब तक केवल तीन ही ऐसे मामले ज्ञात हैं, जिनमें एक किलोग्राम से कम वजन की प्रीमैच्योर बच्ची को पेसमेकर लगाया गया है। अगर हम इस मामले को भी जोड़ लें, तो यह इस प्रकार का चौथा मामला है।
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उन्होंने बताया कि इस बच्ची की मां को ल्यूपस नामक बीमारी थी। इस वजह से बच्ची की मां कई सालों से गर्भधारण नहीं कर पा रही थी। उसका दो बार गर्भपात भी हो चुका था।
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सीने में जगह नहीं थी, इस कारण पेट में फिट किया
इस बार गर्भावस्था के दौरान स्टेरॉइड थेरेपी के बावजूद बच्ची ने 10 मई 2019 को जन्म ले लिया। जन्म के बाद से ही बच्ची की धड़कन 40 से 45 प्रति मिनट थी। पेसमेकर लगाए जाने के दिन बच्ची का वजन 900 ग्राम था। बच्ची के सीने में बहुत कम जगह थी। इसलिए पेसमेकर उसके पेट में लगाना पड़ा।
बच्ची की सर्जरी के बाद उसे 70 दिन के लिए वेंटीलेटर पर रखा गया था। उसे हाल ही में अस्पताल से छुट्टी दिए जाते समय उसका वजन किया गया जिसमें उसका वजन ढाई किलो हो गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, अब तक माना जाता था कि ल्यूपस पश्चिम की महिलाओं को ही प्रभावित करता है, लेकिन अब ऐसे मामले यहां भी दिखाई दे रहे हैं।