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30 मई को देशभर में बंद रहेंगी दवा की दुकानें

Sat, 27 May 2017 08:56 AM IST
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय
amarujala.com- Presented by: जया पाण्डेय Updated Sat, 27 May 2017 08:56 AM IST
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Chemists go on nationwide strike on May 30 to protest against stringent regulations
डेमो पिक

ड्रग पोर्टल पर दवा निर्माता से लेकर विक्रेता तक के पंजीकरण की बाध्यता के विरोध में देश भर में दवा व्यापार बंद रहेगा। सभी जिला व प्रदेश मुख्यालयों पर दवा कारोबारी धरना-प्रदर्शन करके विरोध दर्ज कराएंगे। आल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (एआईओसीडी) के महासचिव सुरेश गुप्ता और यूपी फेडरेशन के संरक्षक गिरिराज रस्तोगी ने शुक्रवार को दी।

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अवध जिमखाना क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में सुरेश गुप्ता ने कह कि केंद्र सरकार दवा कारोबारियों का शोषण कर रही है। ड्रग पोर्टल पर दवा निर्माता, सीएनएफ एजेंट, स्टॉकिस्ट को पंजीकरण कराना होगा। बिना रजिस्ट्रेशन दवा बिक्री की इजाजत नहीं होगी। फुटकर दवा विक्रेताओं को डॉक्टर के पर्चे को वेबसाइट पर अपलोड करना होगा, तभी वह किसी को दवा दे सकेंगे। 
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इसके साथ ही दवाओं का बिल अपलोड करना होगा। इसके साथ ही थोक कारोबारियों को इनवाइस अपलोड करनी होगी। ये नियम पूरी तरह से औचित्यहीन है। जिन जगहों पर इंटरनेट की सुविधा नहीं है वहां केव्यापारियों को सबसे ज्यादा दिक्कत होगी। ऐसे नियमों को दवा व्यापारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। गिरिराज रस्तोगी ने कहा कि सरकार के इन नियमों में कई खामियां हैं। जिसके संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों से मुलाकात की गई और सभी दिक्कतों के बारे में बताया गया। इसके बावजूद कहीं से कोई जवाब नहीं आया है। 
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प्रवक्ता विकास रस्तोगी ने बताया कि सरकार बिना फार्मासिस्ट दवा बेचने पर रोक लगा रही है। जबकि अवैध तरीके से ऑनलाइन दवा बिक्री पर कोई रोक नहीं हैं। कैमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री अनिल जय सिंह व सुरेश कुमार ने कहा कि ड्रग लाइसेंस के नवीनीकरण शुल्क को तीन हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने का प्रस्ताव ला रही है। फार्मासिस्ट की बाध्यता से दवा व्यापार को बंद करने की साजिश चल रही है। 1995 से केंद्र सरकार ने दवा व्यापारियों का लाभ नहीं बढ़ाया है। फेडरेशन मांग करता है कि रिटेल को 20 फीसदी और थोक को 10  फीसदी का लाभ नई दवा नीति में निश्चित किया जाए।

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