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क्रय केंद्रों पर संबद्धीकरण समाप्त, कहीं भी तुला सकेंगे गेहूं
lalitpur
Updated Wed, 19 Apr 2017 12:54 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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पीसीएफ के गेहूं खरीद केंद्रों से गांवों का संबद्धीकरण समाप्त कर दिया गया है। अब कृषक अपनी सुविधानुसार कहीं भी अपनी उपज को बेच सकेंगे। वर्तमान में संचालित साठ केंद्रों पर 82 हजार 723 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है।
यूपी कोआपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ) ने गेहूं की खरीद शुरू कर दी है। कृषकों को अपने गांव के आसपास गेहूं बेचने के लिए सुविधा मुहैया कराई गई है। इस समय जिले में पीसीएफ के साठ केंद्र संचालित हो रहे हैं। जिन पर सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक गेहूं खरीद का कार्य चल रहा है। अमरपुर मंडी में तीन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें रोड़ा व बुढ़वार के केंद्र शामिल हैं। कृषकों को खरीद केंद्र पर पहुंचने से पहले पंजीकरण कराना होगा। इसमें उसे किसान बही की छायाप्रति, बैंक पास बुक की छायाप्रति व फोटोयुक्त परिचय पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्रत्येक तहसील में पंजीकरण कार्य किया जा रहा है। जहां डीएम डॉ. रूपेश कुमार ने एक कंप्यूटर आपरेटर की व्यवस्था की है। इसके अलावा कृषक सहकारी समिति के सचिव को मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसके बाद पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी संबंधित सचिव की होगी। शासन ने किसानों को समय से भुगतान दिलाने के मकसद से आरटीजीएस के जरिये उनके बैंक खाते में धनराशि भेजने की व्यवस्था की है। इससे किसानों को दो से तीन दिन में उनकी उपज का भुगतान मिल जाता है। मंगलवार तक खरीद केंद्रों पर 1428 कृषक अपने उपज को लेकर पहुंचे हैं। इस तरह 82 हजार 723 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है।
भुगतान की नहीं कोई समस्या
कृषक किसी भी केंद्र जाकर अपनी उपज को बेच सकता है। भुगतान की कोई समस्या नहीं है। शनिवार तक सात करोड़ पांच लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। केंद्रों पर छांव, पानी व बैठने का इंतजाम किया गया है।
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अनूप कुमार द्विवेदी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक
सहकारी समितियां ललितपुर।
खटाई में पड़े 11 क्रय केंद्र
जिले में सहकारी समितियों के 11 नवीन केंद्र खोले जाने हैं। इनमें पाली, तुर्का, पारौन, सिंदवाहा, गदयाना, बार मंडी, बरौदाडांग, मर्रोली, पाचौनी, सूरीखुर्द शामिल हैं। इन केंद्रों पर लेखपालों को क्रय केंद्र प्रभारी बना दिया गया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने इसका विरोध किया है। जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह बुंदेला का कहना है कि लेखपाल शासन की मंशानुसार भूमि विवाद, भूमाफियाओं को चिह्नित कर भूमि विवाद का निपटारा करने में लगे हुए हैं। वहीं, गेहूं खरीद का कार्य इससे हटकर कार्य है। अब उनका विरोध रंग लाता दिख रहा है। नवीन केंद्रों की स्थापना खटाई में पड़ गई है। उधर, जिला सहायक निबंधक अनूप कुमार द्विवेदी ने बताया कि ग्राम रसोई में एक दो दिन के अंदर नवीन केंद्र खुल जाएगा। अन्य केंद्रों को खोलने की कार्रवाई चल रही है।
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यूपी कोआपरेटिव फेडरेशन (पीसीएफ) ने गेहूं की खरीद शुरू कर दी है। कृषकों को अपने गांव के आसपास गेहूं बेचने के लिए सुविधा मुहैया कराई गई है। इस समय जिले में पीसीएफ के साठ केंद्र संचालित हो रहे हैं। जिन पर सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक गेहूं खरीद का कार्य चल रहा है। अमरपुर मंडी में तीन केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें रोड़ा व बुढ़वार के केंद्र शामिल हैं। कृषकों को खरीद केंद्र पर पहुंचने से पहले पंजीकरण कराना होगा। इसमें उसे किसान बही की छायाप्रति, बैंक पास बुक की छायाप्रति व फोटोयुक्त परिचय पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्रत्येक तहसील में पंजीकरण कार्य किया जा रहा है। जहां डीएम डॉ. रूपेश कुमार ने एक कंप्यूटर आपरेटर की व्यवस्था की है। इसके अलावा कृषक सहकारी समिति के सचिव को मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इसके बाद पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी संबंधित सचिव की होगी। शासन ने किसानों को समय से भुगतान दिलाने के मकसद से आरटीजीएस के जरिये उनके बैंक खाते में धनराशि भेजने की व्यवस्था की है। इससे किसानों को दो से तीन दिन में उनकी उपज का भुगतान मिल जाता है। मंगलवार तक खरीद केंद्रों पर 1428 कृषक अपने उपज को लेकर पहुंचे हैं। इस तरह 82 हजार 723 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है।
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भुगतान की नहीं कोई समस्या
कृषक किसी भी केंद्र जाकर अपनी उपज को बेच सकता है। भुगतान की कोई समस्या नहीं है। शनिवार तक सात करोड़ पांच लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। केंद्रों पर छांव, पानी व बैठने का इंतजाम किया गया है।
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अनूप कुमार द्विवेदी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक
सहकारी समितियां ललितपुर।
खटाई में पड़े 11 क्रय केंद्र
जिले में सहकारी समितियों के 11 नवीन केंद्र खोले जाने हैं। इनमें पाली, तुर्का, पारौन, सिंदवाहा, गदयाना, बार मंडी, बरौदाडांग, मर्रोली, पाचौनी, सूरीखुर्द शामिल हैं। इन केंद्रों पर लेखपालों को क्रय केंद्र प्रभारी बना दिया गया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने इसका विरोध किया है। जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह बुंदेला का कहना है कि लेखपाल शासन की मंशानुसार भूमि विवाद, भूमाफियाओं को चिह्नित कर भूमि विवाद का निपटारा करने में लगे हुए हैं। वहीं, गेहूं खरीद का कार्य इससे हटकर कार्य है। अब उनका विरोध रंग लाता दिख रहा है। नवीन केंद्रों की स्थापना खटाई में पड़ गई है। उधर, जिला सहायक निबंधक अनूप कुमार द्विवेदी ने बताया कि ग्राम रसोई में एक दो दिन के अंदर नवीन केंद्र खुल जाएगा। अन्य केंद्रों को खोलने की कार्रवाई चल रही है।