फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Chandrayaan-3 success connected with hearts of people: ISRO chief Somanath

S Somnath: इसरो चीफ बोले- लोगों के दिलों से जुड़ी चंद्रयान-3 की सफलता, आज हर युवा बनना चाहता है खगोल विज्ञानी

Sun, 07 Jan 2024 11:03 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 07 Jan 2024 11:03 PM IST
सार

S Somnath: इसरो प्रमुख ने कहा कि चंद्रयान-3 ने युवाओं, बच्चों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का अध्ययन करने वाले लोगों के मन में भावनात्मक उत्साह पैदा किया। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों से प्रेरित होकर अपनी उपलब्धि को पूरे देश को दिखाने में सक्षम रहे। 

विज्ञापन
Chandrayaan-3 success connected with hearts of people: ISRO chief Somanath
इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ - फोटो : फाइल

विस्तार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख एस सोमनाथ ने रविवार को कहा कि चंद्रयान-3 मिशन लोगों के दिलों से जुड़ा था और इसकी चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग भारतीय के लिए गौरव का क्षण था। उन्होंने कहा कि भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा और दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाला देश पहला देश बन गया। 

विज्ञापन

 
उन्होंने कहा, चंद्रयान-3 ने युवाओं, बच्चों और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का अध्ययन करने वाले लोगों के मन में भावनात्मक उत्साह पैदा किया। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशों से प्रेरित होकर अपनी उपलब्धि को पूरे देश को दिखाने में सक्षम रहे। 
विज्ञापन


अंतरिक्ष विभाग के सचिव ने तमिलनाडु सरकार द्वारा यहां वैश्विक निवेशक सम्मेलन (GIM2024) की तर्ज पर आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान ये टिप्पणियां कीं।

उन्होंने कहा, 'देखिए चंद्रयान-3 वास्तव में लोगों के दिलों से जुड़ा हुआ था। हम ऐसा करने में सक्षम थे। चंद्रमा पर लैंडिंग हर किसी के लिए एक वैज्ञानिक घटना नहीं थी। यह पूरे भारतीयों के लिए गौरव का क्षण था।' उन्होंने बताया कि मिशन पूरी तरह से भारत द्वारा 'घरेलू' ज्ञान और 'प्रौद्योगिकी' के साथ विकसित किया गया था। उन्होंने कहा कि हम चंद्रमा पर उतरने वाले चौथे और दक्षिणी ध्रुव पर उतरने वाले पहले देश हैं। यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा, 'जब भी मैं देश भर में यात्रा करता हूं, जहां भी मैं युवाओं से मिलता हूं, वे कहते हैं कि वे इसरो में शामिल होना चाहते हैं और हर कोई खगोल भौतिकीविद् बनना चाहता है। चंद्रयान-3 के बाद कोर इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की मांग बढ़ गई है।' सोमनाथ ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बाद इंजीनियरिंग कॉलेजों में रिक्तियां भी भरी जा रही हैं, क्योंकि कोर इंजीनियरिंग स्ट्रीम की खूब मांग है। 

उन्होंने कहा, यह एक प्रेरक कारक है कि कैसे लोगों के सामने रखा गया एक महान वैज्ञानिक प्रयोग एक बड़ा प्रभाव पैदा कर सकता है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि 2019 में चंद्रयान-2 की विफलता के बाद पहली और सबसे बड़ी चुनौती यह समझना था कि इसमें क्या गलत हुआ। कई घटनाएं एक समस्या पैदा करती हैं और यह समझने के लिए इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है कि क्या गलत हुआ और इसका समाधान निकाला जाए। 


14 जुलाई, 2023 को उड़ान भरने के बाद भारत के तीसरे चंद्रमा मिशन को सफलता मिली,जब चंद्रयान -3 अंतरिक्ष यान ने 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट-लैंडिंग की। केंद्र ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि की याद में इस दिन को 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस' के रूप में अधिसूचित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed