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Chandrayaan-3: चंद्रमा की कक्षा में चंद्रयान-3 का सफलतापूर्वक प्रवेश, इसरो का अगला ऑपरेशन कल रात 11 बजे
Sat, 05 Aug 2023 08:11 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 05 Aug 2023 08:11 PM IST
सार
Chandrayaan-3: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को जानकारी दी कि चंद्रयान-3 को चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्व प्रवेश करा दिया गया है। पेरिलून में रेट्रो बर्निंग की कमान मिशन ऑपरेशंस कॉम्प्लेक्स (एमओएक्स), आईएसटीआरएसी, बेंगलुरु से की गई थी।
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इसरो द्वारा जारी प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ट्विटर/इसरो
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विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के मिशन चंद्रयान-3 के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। दरअसल, इस यान ने चार अगस्त को दो-तिहाई दूरी पूरी कर ली। वहीं, एक दिन बाद इसका चंद्रमा की कक्षा में सफलतापूर्व प्रवेश हो गया है।
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इसरो ने शनिवार शाम एक ट्वीट कर जानकारी दी कि इसरो सेंटर में वैज्ञानिकों की मदद से चंद्रयान-3 को सफलतापूर्वक चांद की कक्षा में पहुंचा दिया गया। अब धीरे-धीरे इसकी गति को घटाते हुए चंद्रमा की अगली कक्षा में पहुंचाया जाएगा। प्रक्रिया 6 अगस्त को रात 11 बजे पूरी होगी। इसके बाद 9 अगस्त को दोपहर दो बजे के आसपास इसे तीसरी कक्षा में प्रविष्ट कराया जाएगा। 14 अगस्त और 16 अगस्त को इसे क्रमश: चौथी और पांचवीं कक्षा में पहुंचाने की कोशिश होगी। चंद्रयान-3 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से 14 जुलाई को लॉन्च किया गया था।
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इसरो के मुताबिक, चांद की कक्षा में प्रवेश के लिए करीब 25 मिनट तक थ्रस्टर्स ऑन रखा गया। इसके साथ ही चंद्रयान-3 चांद के गुरुत्वाकर्षण वाले क्षेत्र में पहुंच गया। इस दौरान इसकी गति को घटाकर 3600 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास कर दिया गया था। चूंकि, पृथ्वी की तुलना में चांद का गुरुत्वाकर्षण कम है, इसलिए इसकी गति घटाना जरूरी था। वैज्ञानिकों को चांद की कक्षा में प्रवेश का चरण सफलता के साथ सम्पन्न होने की पूरी उम्मीद थी। इसरो ने बताया कि चंद्रयान-3 की सेहत पूरी तरह दुरुस्त है और वह हर पैरामीटर पर ठीक से काम कर रहा है।
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37,200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार
चंद्रयान अभी करीब 37,200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चांद की ओर बढ़ रहा है। चंद्रमा की कक्षा में पहुंचने के बाद यह उसकी सतह से लगभग 40 हजार किलोमीटर दूर रह जाएगा। अंतरिक्ष एजेंसी पूर्व में बता चुकी है कि भारत के तीसरे चंद्र मिशन की स्थिति पूरी तरह सामान्य है और 23 अगस्त को चांद की सतह पर इसकी सॉफ्ट लैंडिंग का प्रयास किया जाएगा।
चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बनेगा भारत
चंद्रयान-3 को अपना सफर पूरा करने में अभी 18 दिन और लगेंगे। 23 अगस्त को होने वाली सॉफ्ट लैंडिंग का यही चरण सबसे अहम है। चंद्रयान-2 सॉफ्ट लैंडिंग में ही नाकाम रहा था। अमेरिका, चीन और रूस के बाद भारत चौथा है देश से जिसने चांद पर अपना यान भेजा है। अगर 23 अगस्त की सॉफ्ट लैंडिंग सफल रही तो भारत चांद की दक्षिणी सतह पर यान उतराने वाला पहला देश बन जाएगा।लैंडिंग पर यह यान एक चंद्र दिवस के लिए काम करेगा, जो कि पृथ्वी पर 14 दिनों के बराबर होता है।