फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Chandrayaan 2 ISRO Moon Mission Women Scientist vanitha muthayya and Ritu Karidhal

चंद्रयान-2: इन दो महिला वैज्ञानिकों के कंधों पर अहम जिम्मेदारी, स्टाफ में 30 प्रतिशत महिलाएं

Fri, 06 Sep 2019 11:38 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Priyesh Mishra Updated Fri, 06 Sep 2019 11:38 AM IST
विज्ञापन
Chandrayaan 2 ISRO Moon Mission Women Scientist vanitha muthayya and Ritu Karidhal
चंद्रयान-2 की महिला शक्ति - फोटो : सोशल मीडिया
भारत के महत्वकांक्षी मून मिशन चंद्रयान-2 को नेतृत्व दो महिला वैज्ञानिक कर रही हैं। इसरो के किसी अंतरिक्ष मिशन में ऐसा पहली बार हुआ है जिसका संचालन देश की महिला शक्ति कर रही है। इनमें वनिथा मुथैया प्रोजेक्ट डायरेक्टर के तौर काम कर रही हैं तो वहीं रितु करिढाल मिशन डायरेक्टर हैं। दोनों को 20 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इसरो के अनुसार चंद्रयान-2 को संभव करने वाले स्टाफ में 30 प्रतिशत महिलाएं हैं।
विज्ञापन


यदि सबकुछ ठीक रहा तो चंद्रयान-2 दुनिया का पहला ऐसा मिशन बन जाएगा जो चांद की दक्षिणी सतह पर उतरेगा। यह वह अंधेरा हिस्सा है जहां उतरने का किसी देश ने साहस नहीं किया है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


इससे पहले 2008 में चंद्रयान-1 और 2013 में मार्स ऑर्बिटर मिशन को अंजाम दिया गया था। यह भारत का तीसरा मिशन है। जियोसिंक्रोनस लॉन्च व्हीकल मार्क 3 भारत में अब तक बना सबसे शक्तिशाली रॉकेट है। इसी से चंद्रयान-2 को चंद्रमा की कक्षा में लॉन्च किया गया था।

डाटा का विश्लेषण करेंगी वनिथा

Chandrayaan 2 ISRO Moon Mission Women Scientist vanitha muthayya and Ritu Karidhal
वनिथा मुथैया (प्रोजक्ट डॉयरेक्टर) - फोटो : सोशल मीडिया
वनिथा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम इंजीनियर ओर डाटा विश्लेषण विशेषज्ञ हैं। चंद्रयान का अहम उद्देश्य पानी, विभिन्न धातुओं और खनिजों सहित चंद्र सतह के तापमान, विकिरण, भूकंप आदि का डाटा जमा करना है। ऐसे में उनका काम मिशन से जुटाए डाटा का विश्लेषण रहेगा। वनिथा चंद्रयान-1 के लिए भी यह काम कर चुकी हैं। वे भारत के रिमोट सेन्सिंग उपग्रहों की व्यवस्था भी संभालती रही हैं। यही वजह रही कि उन्हें चंद्रयान-2 प्रोजेक्ट में शुरू से प्रमुख भूमिका दी गई।



मुथैया यूआर राव सैटेलाइट सेंटर से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम इंजीनियर हैं। वह डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग में माहिर हैं और उन्होंने उपग्रह संचार पर कई पेपर लिखे हैं। उन्होंने मैपिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले पहले भारतीय रिमोट सेंसिंग उपग्रह (कार्टोसैट 1), दूसरे महासागर अनुप्रयोग उपग्रह (ओशनसैट 2) और तीसरे उष्णकटिबंधीय में जल चक्र और ऊर्जा विनिमय का अध्ययन करने के लिए इंडो-फ्रेंच उपग्रह (मेघा-ट्रॉपिक) पर उप परियोजना निदेशक के तौर पर काम किया है।

2006 में उन्हें एस्ट्रॉनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया ने सर्वश्रेष्ठ महिला वैज्ञानिक पुरस्कार से सम्मानित किया था। साइंस जर्नल नेचर ने उनका नाम उन पांच वैज्ञानिकों की श्रेणी में रखा था जिनपर 2019 में नजर रहेगी। 

चंद्र परिक्रमा पथ में चंद्रयान का प्रवेश करवाएंगे रितु

Chandrayaan 2 ISRO Moon Mission Women Scientist vanitha muthayya and Ritu Karidhal
रितु करिधाल श्रीवास्तव - फोटो : Youtube
रितु करिढाल चंद्रयान-2 के चंद्रमा की परिक्रमा-कक्षा में दाखिल होने से जुड़े मिशन पर फोकस रहेंगी। इस काम को बेहद जटिल माना जा रहा है। वे आईआईएससी बैंगलोर से अंतरिक्ष विज्ञान इंजीनियरिंग में मास्टर्स कर चुकी हैं। रितु इससे पहले मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम) की डिप्टी ऑपरेटिव निदेशक के तौर भी पर इसरो के लिए काम कर चुकी हैं। एमओएम भारत का पहला अंतर-ग्रहीय मिशन है जिसे वर्ष 2013 में प्रक्षेपित किया गया था।

करिधाल का भी यह पहला अतंरिक्ष मिशन नहीं है। इससे पहले वह भारत के मार्स मिशन की डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर रह चुकी हैं। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 2007 में उन्हें इसरो का युवा वैज्ञानिक पुरस्कार मिल चुका है।

रितु के मुताबिक तारों ने मुझे हमेशा अपनी ओर खींचा मैं सोचती थी कि अंतरिक्ष के अंधेरे के उस पार क्या है। विज्ञान मेरे लिए विषय नहीं जुनून था। रितु ने इसरो में कई अहम प्रोजेक्ट किए पर मंगलयान की उप परियोजना निदेशक के रूप में वह इस मिशन को सबसे बड़ी चुनौती मानती हैं। पूरा विश्व और हमारी 103 करोड़ की आबादी हमारी ओर देख रही थी। हमारे पास कोई अनुभव नहीं था, लेकिन सैकड़ों वैज्ञानिकों की टीम ने मिलकर हमने वह भी कर दी।
  • लखनऊ विश्वविद्यालय से फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया।
  • गेट पास करने के बाद मास्टर्स डिग्री के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट आफ  साइंसेज जॉइन किया। यहां से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में डिग्री ली।
  • 1997 से इसरो से जुड़ी
  • मंगलयान में डिप्टी ऑपरेशन डायरेक्टर रहीं।
  • अब चंद्रयान-2 में मिशन डायरेक्टर।
  • माम के दो मायने दो बच्चों की मां और मार्स आरबिटरी मिशन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed