फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Chandrasekhar Azad descendants run electric shop in lucknow, but patriotism remains intact

चंद्रशेखर आजाद के वंशज चला रहे इलेक्ट्रिक की दुकान, पर कायम है देशभक्ति का जज्बा

Tue, 14 Aug 2018 09:06 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 14 Aug 2018 09:06 PM IST
विज्ञापन
Chandrasekhar Azad descendants run electric shop in lucknow, but patriotism remains intact
शहीद चंद्रशेखर आजाद
चंद्रशेखर आजाद एक ऐसा नाम है जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम के एक पूरे युग का प्रतिनिधित्व करता है। इन्हीं चंद्रशेखर आजाद के वंशज उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक इलेक्ट्रिक की दुकान चलाकर अपना जीवन गुजर-बसर कर रहे हैं। लेकिन परिवार के लोगों में देशभक्ति का वह जज्बा आज भी बरकरार है जिसके बल पर आजाद ने इस देश को आजादी दिलाई थी। चंद्रशेखर आजाद की भूमिका को आगे बढ़ा रहे उनके वंशज अमित आजाद (35 वर्ष) का कहना है कि वे गुजर-बसर के लिए मोटर बाइंडिंग और घरों में लाइटिंग करने का काम करते हैं। लेकिन जैसे ही समय मिलता है, वे युवाओं को देश के लिए प्रेरित करने के मिशन पर निकल पड़ते हैं। इसी को उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है।
विज्ञापन


चंद्रशेखर आजाद के चाचा रामभरोसे तिवारी के बेटे महावीर तिवारी के पुत्र सुजीत आजाद तिवारी और उनके (सुजीत आजाद तिवारी) के पुत्र अमित आजाद का कहना है कि उन्होंने कभी कोई सरकारी सहायता नहीं ली। वे कोई सरकारी सुविधा नहीं चाहते। क्रांतिकारियों के परिवार को मिलने वाली सरकारी पेंशन दिए जाने की पेशकश उनके परिवार को की गई थी जिसे ससम्मान परिवार ने इनकार कर दिया। अमित आजाद ने कहा कि वे अपना कर्तव्य पूरा करना चाहते हैं, अधिकारों की बात उनके लिए दूसरे नंबर की चीज है। 
विज्ञापन

इस बात की है चिंता

आजादी के सत्तर साल बीत जाने के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है, यह पूछे जाने पर अमित आजाद ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की सबसे मजबूत चीज उसकी संस्कृति और उसके संस्कार होते हैं। वे यह देखकर बेहद दुखी हैं कि आज के युवाओं की एक बड़ी संख्या नशे की गिरफ्त में है। उन्होंने कहा कि हमारे ऊपर सांस्कृतिक हमला किया जा रहा है। छोटे-छोटे शहरों में हुक्का बार खुल रहे हैं, शराब का सेवन फैशन बनता जा रहा है। छोटे-छोटे बच्चे और युवतियां नशे की गिरफ्त में हैं। इससे बचना दूसरे स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई के रुप में लिया जाना चाहिए।

अमित आजाद ने अमर उजाला को बताया कि आजादी की लड़ाई के दिनों में क्रांतिकारी सचींद्र नाथ सान्याल और चंद्रशेखर आजाद ने हिंदुस्तान रिपब्लिकन आर्मी बनाई थी। इसी संस्था की प्रेरणा से उन्होंने ऐतिहासिक अनुसंधान संस्थान (हिस्टोरिकल रिसर्च एसोसिएशन) संस्था बनाई है जिसके माध्यम से वे देश के युवाओं को नशे से दूर रहने और देशभक्ति के लिए क्या करना है, इसका संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए कई राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने सबको सविनय इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे देश की सेवा करना चाहते हैं और इसके लिए युवाओं को प्रेरित करना सबसे आवश्यक समझते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed