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आंध्र प्रदेश: सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे चंद्रबाबू, तीन राजधानियों के प्रस्ताव का किया विरोध
Wed, 01 Jan 2020 02:18 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: Sneha Baluni
Updated Wed, 01 Jan 2020 02:18 PM IST
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नारा चंद्रबाबू नायडू
- फोटो : ANI
तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के मुखिया नारा चंद्रबाबू नायडू अपनी पत्नी भुवनेश्वरी और अन्य नेताओं के साथ अमरावती के किसानों के साथ धरने पर बैठे। वह राज्य सरकार के तीन राजधानियों के प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे।
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Former CM of Andhra Pradesh and TDP leader N. Chandrababu Naidu: It is very unfortunate that the CM is unnecessarily disturbing Amaravati. There is no need to spend additional investment. Everything is here, High Court, Secretariat, and DGP office etc. We condemn this move. https://t.co/g5lbjmsMvz pic.twitter.com/k4E7VLnzjz
— ANI (@ANI) January 1, 2020विज्ञापन
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि मुख्यमंत्री अमरावती को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहे हैं। अतिरिक्त निवेश करने की कोई आवश्यकता नहीं है। यहां सब कुछ है, उच्च न्यायालय, सचिवालय, और डीजीपी कार्यालय आदि। हम इस कदम की निंदा करते हैं।'
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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने हाल ही में तीन राजधानियों का प्रस्ताव दिया था। इसके खिलाफ येर्राबलेम गांव के किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनके आंदोलन का आज पांचवा दिन है। उन्हीं का समर्थन करने के लिए चंद्रबाबू पहुंचे थे।
नायडू ने ट्वीट कर कहा, 'टीडीपी इस साल अमरावती में हो रहे विरोध को देखते हुए नया साल नहीं मनाएगी। हम अमरावती को बचाने के लिए हजारों प्रदर्शनकारी किसानों और कृषि श्रमिकों का साथ देंगे।'
राजधानी को अमरावती से विशाखापत्तनम में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव से नाराज क्षेत्र के किसानों ने हाल ही में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक पत्र लिखा था। जिसमें उन्होंने राजधानी को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने या फिर उन्हें दया मृत्यु की इजाजत देने की मांग की। क्षेत्र के 29 गांवों के लोग अमरावती को राज्य की राजधानी बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।