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Chandni Chowk Seat: बेटे बचाएंगे विरासत या व्यापारी नेता पड़ेगा भारी, चांदनी चौक सीट पर रोचक है इस बार लड़ाई
Thu, 23 Jan 2025 08:29 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 23 Jan 2025 08:29 PM IST
सार
Chandni Chowk Seat: चांदनी चौक प्रह्लाद साहनी की सीट मानी जाती है। 1998 से 2013 के बीच उन्होंने इस सीट पर लगातार चार बार जीत हासिल की। इसके बाद 2015 के चुनाव में अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर इस सीट पर जीत दर्ज की।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चांदनी चौक दिल्ली की उन सीटों में शामिल है जो अपने साथ एक विरासत को समेटे हुए हैं। दिल्ली के प्रसिद्ध लालकिले के सामने बसे इस इलाके में दिल्ली की एक लंबी विरासत रहती है। दिल्ली आने वाला हर पर्यटक इस बाजार को घूमकर देखना चाहता है। यही कारण है कि इस इलाके में व्यापार, साफ-सफाई और व्यापार सबसे बड़ा मुद्दा हर चुनाव में रहता है। इस विधानसभा चुनाव में भी यहां पर साफ-सफाई, पर्यटन और रोजगार के मुद्दे छाए हुए हैं।
कौन जीता, कौन उम्मीदवार
चांदनी चौक प्रह्लाद साहनी की सीट मानी जाती है। 1998 से 2013 के बीच उन्होंने इस सीट पर लगातार चार बार जीत हासिल की। इसके बाद 2015 के चुनाव में अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर इस सीट पर जीत दर्ज की। लेकिन इसके अगले चुनाव यानी 2020 में प्रह्लाद सिंह साहनी ने एक बार फिर जीत हासिल की, लेकिन इस बार उन्होंने आम आदमी पार्टी के टिकट पर यह जीत हासिल की।
पांच बार जीत हासिल कर चुके प्रह्लाद सिंह साहनी का टिकट आम आदमी पार्टी ने काट दिया है। इस बार उनके ही परिवार के पूरनदीप सिंह साहनी को आम आदमी पार्टी ने टिकट दिया है। इसलिए पहली नजर में प्रह्लाद सिंह साहनी के असर के कारण उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। लेकिन भाजपा के प्रवीण खंडेलवाल एक व्यापारी नेता हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट से बड़ी जीत हासिल की थी, वे इस बार अपने इलाके से भाजपा उम्मीदवारों को जिताने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं, लिहाजा इस बार भाजपा उम्मीदवार सतीश जैन को भी यहां मजबूत खिलाड़ी माना जा रहा है।
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कांग्रेस की मजबूत चुनौती
लेकिन इन दो मजबूत खिलाड़ियों को सबसे तगड़ी चुनौती कांग्रेस प्रत्याशी मुदित अग्रवाल से मिल रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता जयप्रकाश अग्रवाल के बेटे मुदित अग्रवाल अपनी बेबाक छवि और पिता की राजनीतिक विरासत के सहारे यहां पर आगे बढ़ रहे हैं। चूंकि, वे इसी जमीन पर पले-बढ़े हैं, यहां का एक-एक मतदाता उनकी पहचान का है और यही उनकी ताकत है।
मुदित अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि चांदनी चौक विधानसभा सीट केवल चुनावी क्षेत्र नहीं है यह एक ऐतिहासिक विरासत भी है। चांदनी चौक में कई ऐसे स्मारक (मॉन्यूमेंट्स) है जिनसे हमारे देश और उसके इतिहास के बारे में पता चलता है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद मेरी प्राथमिकता होगी कि चांदनी चौक को हेरिटेज हब बनवाया जाए। इससे यहां पर रोजगार के साथ-साथ इसका महत्त्व भी बढ़ेगा।
मुदित अग्रवाल ने कहा कि चांदनी चौक में दिल्ली और देश का इतिहास बसता है। यह केवल चुनावी क्षेत्र ही नहीं है एक विरासत भी है। समय के साथ-साथ इस क्षेत्र का विस्तार होता गया साथ ही यहां की समस्याएं भी बढ़ती गई हैं, लेकिन इनका निदान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से चांदनी चौक दिल्ली का प्रमुख एरिया माना जाता है। यहां देश-विदेश से लाखों पर्यटक हर साल आते हैं।
भाजपा को अपनी जीत का भरोसा
वहीं, भाजपा नेता और सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि जिस तरह लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस क्षेत्र में बड़ी जीत हासिल की है, उसी तरह इस बार भी वह यहां पर बड़ी जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है। वह बदलाव की ओऱ देख रही है। चांदनी चौक के लोगों को केवल विकास चाहिए। वह विकास उन्हें भाजपा के साथ नजर आता है। आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के कारण अब खत्म हो चुकी है और कांग्रेस अब लोगों की उम्मीदें पूरी करने में सक्षम नहीं है।
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कौन जीता, कौन उम्मीदवार
चांदनी चौक प्रह्लाद साहनी की सीट मानी जाती है। 1998 से 2013 के बीच उन्होंने इस सीट पर लगातार चार बार जीत हासिल की। इसके बाद 2015 के चुनाव में अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी के टिकट पर इस सीट पर जीत दर्ज की। लेकिन इसके अगले चुनाव यानी 2020 में प्रह्लाद सिंह साहनी ने एक बार फिर जीत हासिल की, लेकिन इस बार उन्होंने आम आदमी पार्टी के टिकट पर यह जीत हासिल की।
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पांच बार जीत हासिल कर चुके प्रह्लाद सिंह साहनी का टिकट आम आदमी पार्टी ने काट दिया है। इस बार उनके ही परिवार के पूरनदीप सिंह साहनी को आम आदमी पार्टी ने टिकट दिया है। इसलिए पहली नजर में प्रह्लाद सिंह साहनी के असर के कारण उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। लेकिन भाजपा के प्रवीण खंडेलवाल एक व्यापारी नेता हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने इसी सीट से बड़ी जीत हासिल की थी, वे इस बार अपने इलाके से भाजपा उम्मीदवारों को जिताने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं, लिहाजा इस बार भाजपा उम्मीदवार सतीश जैन को भी यहां मजबूत खिलाड़ी माना जा रहा है।
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कांग्रेस की मजबूत चुनौती
लेकिन इन दो मजबूत खिलाड़ियों को सबसे तगड़ी चुनौती कांग्रेस प्रत्याशी मुदित अग्रवाल से मिल रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता जयप्रकाश अग्रवाल के बेटे मुदित अग्रवाल अपनी बेबाक छवि और पिता की राजनीतिक विरासत के सहारे यहां पर आगे बढ़ रहे हैं। चूंकि, वे इसी जमीन पर पले-बढ़े हैं, यहां का एक-एक मतदाता उनकी पहचान का है और यही उनकी ताकत है।
मुदित अग्रवाल ने अमर उजाला से कहा कि चांदनी चौक विधानसभा सीट केवल चुनावी क्षेत्र नहीं है यह एक ऐतिहासिक विरासत भी है। चांदनी चौक में कई ऐसे स्मारक (मॉन्यूमेंट्स) है जिनसे हमारे देश और उसके इतिहास के बारे में पता चलता है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद मेरी प्राथमिकता होगी कि चांदनी चौक को हेरिटेज हब बनवाया जाए। इससे यहां पर रोजगार के साथ-साथ इसका महत्त्व भी बढ़ेगा।
मुदित अग्रवाल ने कहा कि चांदनी चौक में दिल्ली और देश का इतिहास बसता है। यह केवल चुनावी क्षेत्र ही नहीं है एक विरासत भी है। समय के साथ-साथ इस क्षेत्र का विस्तार होता गया साथ ही यहां की समस्याएं भी बढ़ती गई हैं, लेकिन इनका निदान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से चांदनी चौक दिल्ली का प्रमुख एरिया माना जाता है। यहां देश-विदेश से लाखों पर्यटक हर साल आते हैं।
भाजपा को अपनी जीत का भरोसा
वहीं, भाजपा नेता और सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि जिस तरह लोकसभा चुनाव में भाजपा ने इस क्षेत्र में बड़ी जीत हासिल की है, उसी तरह इस बार भी वह यहां पर बड़ी जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है। वह बदलाव की ओऱ देख रही है। चांदनी चौक के लोगों को केवल विकास चाहिए। वह विकास उन्हें भाजपा के साथ नजर आता है। आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के कारण अब खत्म हो चुकी है और कांग्रेस अब लोगों की उम्मीदें पूरी करने में सक्षम नहीं है।