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चांदीवाल आयोग: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री देशमुख ने खारिज किया बार मालिक से वसूली का आरोप
Mon, 24 Jan 2022 11:12 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 24 Jan 2022 11:12 PM IST
सार
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख को भ्रष्टाचार के आरोपों में दो नवंबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं।
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अनिल देशमुख
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने सोमवार को चांदीवाल आयोग के सामने गवाही दी। इस दौरान उन्होंने उन आरोपों को खारिज किया कि एक बार मालिक से वसूली के पैसे की मांग की गई थी। देशमुख से बर्खास्त पुलिस कर्मचारी सचिन वाजे के वकील योगेश नायडू जिरह कर रहे थे।
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सबूत दर्ज किए जाने के दौरान नायडू ने एक व्हाट्सएप मैसेज का उल्लेख किया जो वाजे को अंकित आनंद नामक व्यक्ति ने किया था। यह व्यक्ति ट्रू ट्राम ट्रंक (टीटीटी) नामक बार का मालिक है। सचिन वाजे का आरोप है कि आनंद, अनिल देशमुख के बेटे सलिल देशमुख का करीबी दोस्त है।
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इस व्हाट्सएप मैसेज में लिखा है, 'मैं जमा किए गए पैसे के साथ तैयार हूं जैसा मुझे सलिल ने हुक्का पार्लर, पब और ऑर्केस्ट्रा बार के बारे में बताया था। कृपया मुझे बताइए कि आपसे कब मिलना है। अंकित आनंद। सलिल देशमुख का दोस्त।' नायडू ने देशमुख पूछा कि क्या वह आनंद को जानते हैं, जिससे अनिस देशमुख ने इनकार कर दिया।
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देशमुख ने की 'परम सत्य' की बात
वाजे का आरोप है कि टीटीटी उन 1750 बार में से एक था जहां से देशमुख से पैसे वसूलने के लिए कहा था। नायडू की ओर से जिरह पूरी होने के बाद देशमुख ने आयोग से कहा कि मैं 'परम सत्य' के बारे में बात करना चाहता हूं। उन्होंने कहा, 'परमबीर सिंह ने पत्र (भ्रष्टाचार के आरोपों वाला) क्यों लिखा था। 'परम सत्य' को सामने आना चाहिए। '
हालांकि, जस्टिस चांदीवाल ने अनिल देशमुख से कहा कि अगर वह बोलना चाहते हैं तो उन्हें लिखित अनुमति लेनी होगी। बता दें कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से चांदीवाल आयोग का गठन किया गया है।