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Hindi News ›   India News ›   Challenge SIR process: Rahul Gandhi, Asaduddin Owaisi moves Supreme Court; when will the petition be heard?

एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती: राहुल गांधी के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी, याचिका में क्या कहा?

Wed, 14 Oct 2026 01:16 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 14 Oct 2026 01:16 PM IST
सार

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे रोकने की मांग की। इससे पहले राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी याचिका दाखिल की थी।

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Challenge SIR process: Rahul Gandhi, Asaduddin Owaisi moves Supreme Court; when will the petition be heard?
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर किया। इस याचिका में  चुनाव आयोग की ओर से वोटर लिस्ट में सुधार की 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) प्रक्रिया के तरीके को चुनौती दी।

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राहुल गांधी ने भी दायर की याचिका
इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए वोटर डेटाबेस और नामों को हटाने की प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की थी।
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विपक्ष की याचिका में क्या मांग की गई? 
विपक्ष की याचिका में वोटर डेटाबेस और नामों को हटाने की प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराने के साथ-साथ, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने की मांग की गई है। यह कमेटी सुधार प्रक्रिया के लागू होने और वोटर लिस्ट व इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों ( इवीएम) से जुड़े तकनीकी सिस्टम की जांच करेगी।
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याचिकाकर्ताओं ने पहले इस बात पर सवाल उठाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ने बाकी चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सहमति के बिना चुनाव आयोग की सामूहिक शक्तियों का इस्तेमाल कैसे किया। उन्होंने देश भर में एसआईआर शुरू करने के फैसले से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं, जिनमें फाइलें, बैठक का ब्यौरा (मिनट्स), नोटिंग और आपत्तियां शामिल हैं।

राहुल गांधी की याचिका में क्या है? 
राहुल गांधी की याचिका में यह तर्क दिया गया है कि चुनाव आयोग को कई सदस्यों वाली संवैधानिक संस्था के तौर पर काम करना चाहिए और वोटर लिस्ट से जुड़े फैसले संविधान के अनुच्छेद 324 और 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' के मुताबिक होने चाहिए।

बता दें कि ओवैसी ने बार-बार एसआईआर प्रक्रिया के तरीके की आलोचना की है। उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को रद्द करने की भी मांग की है। उनका तर्क है कि मुख्य चुनाव आयुक्त  और चुनाव आयुक्तों को मिली कानूनी छूट चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को कम करती है। ओवैसी ने एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रोकने की भी मांग की और मतदाताओं पर लगाई गई अतिरिक्त शर्तों के आधार पर सवाल उठाए।


ओवैसी ने क्या कहा? 
विरोध करने के अधिकार का बचाव करते हुए ओवैसी ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने खुद कहा है कि विरोध करना एक मौलिक अधिकार है। लोग विरोध करेंगे, और उन्हें विरोध करना भी चाहिए। अगर आप दिल्ली को बंद कर देते हैं, तो क्या आप लोगों के दिमाग को भी बंद कर पाएंगे? आप ऐसा नहीं कर सकते। पूरी स्थिति को बहुत गलत तरीके से संभाला गया है।'

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