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सीजीडब्ल्यूबी ने भूजल बर्बाद करने वालों को पांच साल की सजा देने के दिए निर्देश

Sun, 25 Oct 2020 01:52 AM IST
Kuldeep Singh एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Sun, 25 Oct 2020 01:52 AM IST
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CGWB ordered to punish five years those who waste ground water
Save Water - सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (सीजीडब्ल्यूबी) ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को पीने लायक भूजल की बर्बादी या दुरुपयोग करने वालों पर कठोर कार्रवाई के लिए कहा है। राज्यों में जल सप्लाई की कमान संभालने वाले विभागों को दोषियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत दंडात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। इस कानून के तहत अधिकतम पांच साल कैद की सजा और एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।

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सीजीडब्ल्यूबी ने राज्यों से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई करने को कहा
सीडब्ल्यूबी के एक अधिकारी ने कहा, हमारी तरफ से 8 अक्तूबर को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के अक्तूबर, 2019 को दिए निर्देश के आधार पर सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदशों को एक आदेश भेजा गया है।
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इस आदेश के मुताबिक, जल सप्लाई नेटवर्क संभालने वाले संबंधित नगर निकायों, जलकल विभाग, नगर निगम, पालिका परिषद, विकास प्राधिकरण, पंचायत और अन्य कोई संस्था को सुनिश्चित करना होगा कि जमीन से निकाले गए पीने लायक पानी की बर्बादी न हो। इसे लागू करने के लिए उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई जैसा सिस्टम विकसित किया जाए।
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बता दें कि एनजीटी ने हाल में भी केंद्र सरकार को भूजल की बर्बादी और दुरुपयोग रोकने के लिए उचित दंडात्मक प्रावधान नहीं करने के लिए फटकार लगाई थी। साथ ही कहा था कि इसके लिए समयबद्ध एक्शन प्लान और निगरानी की जानी चाहिए।

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