फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Cervical cancer virus can destroy sperm in men, Argentinian researchers concluded in a study

Cervical Cancer: पुरुषों को नपुंसक बना सकता है सर्वाइकल कैंसर का वायरस; शोधकर्ताओं ने अध्ययन में किया दावा

Sat, 24 Aug 2024 04:27 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Sat, 24 Aug 2024 04:27 AM IST
सार

प्रारंभिक तौर पर जांच में पुरुषों के वीर्य की गुणवत्ता में कोई अंतर नहीं मिला लेकिन जब अधिक बारीकी से विश्लेषण किया तो शोधकर्ताओं ने पाया कि उच्च जोखिम वाले वायरस से संक्रमित पुरुषों से लिए गए नमूनों में प्रतिरक्षा कोशिकाओं में श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या काफी कम थी।

विज्ञापन
Cervical cancer virus can destroy sperm in men, Argentinian researchers concluded in a study
Cancer - फोटो : istock

विस्तार

सर्वाइकल कैंसर जहां महिलाओं के लिए जानलेवा होता है। वहीं इसका वायरस पुरुषों को नपुंसक बना सकता है। अर्जेंटीना के एक चिकित्सा अध्ययन में पता चला है कि पुरुषों में यह वायरस शुक्राणु खत्म करता है जिसकी वजह से उनकी प्रजनन क्षमता खराब होने लगती है। जानकारी के अनुसार, ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) एक यौन संचारित संक्रमण है, जिसमें उच्च और कम जोखिम वाले वायरस शामिल हैं।

विज्ञापन


उच्च जोखिम वाले वायरस में संक्रमण जानलेवा तक हो सकता है जबकि कम जोखिम वाले वायरस से सौम्य मस्से या निशान होते हैं। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने उच्च जोखिम वाले वायरस से संक्रमित पुरुषों में मृत शुक्राणुओं की मात्रा अधिक पाई, जिससे उनकी प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। अर्जेंटीना और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ कॉर्डोबा के शोधकर्ताओं का यह अध्ययन फ्रंटियर्स इन सेल्युलर एंड इंफेक्शन माइक्रोबायोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसमें 205 वयस्क पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता का अध्ययन किया। इस दौरान करीब 39 लोग एचपीवी संक्रमित पाए गए जिनमें से 20 मरीजों में वायरस का उच्च जोखिम स्वरूप मिला। वहीं सात मरीजों में कम जोखिम वाला स्वरूप था। इनके अलावा 12 ऐसे मरीज भी मिले जिनमें वायरस के उच्च या कम जोखिम वाले स्वरूप की पहचान नहीं हो पाई।
विज्ञापन

 
बारीकी से विश्लेशण में सामने आई खामी 
प्रारंभिक तौर पर जांच में पुरुषों के वीर्य की गुणवत्ता में कोई अंतर नहीं मिला लेकिन जब अधिक बारीकी से विश्लेषण किया तो शोधकर्ताओं ने पाया कि उच्च जोखिम वाले वायरस से संक्रमित पुरुषों से लिए गए नमूनों में प्रतिरक्षा कोशिकाओं में श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या काफी कम थी। शोधकर्ताओं का कहना है कि इन मरीजों में श्वेत रक्त कोशिकाएं कम होने से रिकवरी में काफी नुकसान होता है। यह भी साक्ष्य मिले हैं कि एचपीवी के उच्च जोखिम वाले स्वरूप से संक्रमित पुरुषों के शुक्राणु ऑक्सीडेटिव तनाव के कारण बार-बार क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, जिसका आकलन प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियों (आरओएस) के उच्च उत्पादन से किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शोधकर्ता प्रो. रिवेरो ने कहा, “हमने निष्कर्ष निकाला है कि उच्च जोखिम वाले एचपीवी वायरस से संक्रमित पुरुषों में ऑक्सीडेटिव तनाव और मूत्रजननांगी मार्ग में कमजोरी शुक्राणु मृत्यु दर में वृद्धि करती है लेकिन कम जोखिम वाले वायरस से संक्रमित पुरुषों में ऐसा देखने को नहीं मिला है।”

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed