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Communication Transponder: मछुआरों को 3.5 लाख ट्रांसपोंडर निशुल्क देगी केंद्र सरकार, मजबूत होगी तटीय सुरक्षा
Sat, 27 May 2023 08:37 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 27 May 2023 08:37 PM IST
सार
ट्रांसपोंडर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के द्वारा बनाए जा रहे हैं। ये भारत में बनाए जाएंगे। ट्रांसपोंडर केवल अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा इस उद्देश्य के लिए लॉन्च किए जाने वाले नए उपग्रहों द्वारा समर्थित होंगे।
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बैठक में एनएसए, राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक (फाइल))
- फोटो : एएनआई
विस्तार
केंद्र सरकार तटीय सुरक्षा को बढ़ाने के लिए मछुआरों को 3.5 लाख निशुल्क कम्युनिकेशन ट्रांसपोंडर प्रदान करने जा रही है। यह मछुआरों को ट्रैक करने और उनके व्यवसाय को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
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सरकारी अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि तटीय क्षेत्रों के मछुआरों को चरणबद्ध तरीके से 3.5 लाख टू-वे कम्युनिकेशन ट्रांसपोंडर प्रदान किए जा रहे हैं। पहले चरण में बीस मीटर से कम आकार की नौकाओं पर एक लाख ट्रांसपोंडर लगाए जाएंगे। यह परियोजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत की जा रही है।
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ट्रांसपोंडर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के द्वारा बनाए जा रहे हैं। ये भारत में बनाए जाएंगे। ट्रांसपोंडर केवल अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा इस उद्देश्य के लिए लॉन्च किए जाने वाले नए उपग्रहों द्वारा समर्थित होंगे।
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राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के साथ राज्यों और केंद्र के मत्स्य पालन विभागों सहित सरकारी संगठन, तटीय क्षेत्रों में परियोजना के कार्यान्वयन के लिए समन्वय कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि ट्रांसपोंडर न केवल निगरानी एजेंसियों को मछली पकड़ने वाली नौकाओं के स्थान को जानने की अनुमति देंगे, जब वे समुद्र में होंगे, बल्कि उन्हें समुद्र से एजेंसियों से संपर्क करने की भी अनुमति देंगे।
ट्रांसपोंडर एजेंसियों को चक्रवात या अन्य मौसम की स्थिति के बारे में मछुआरों को चेतावनी भेजने की भी अनुमति देंगे। मछुआरे संकट की स्थिति में भी संपर्क कर सकेंगे और उन्हें समुद्र में मदद प्रदान की जा सकती है।
इन ट्रांसपोंडरों को 20 मीटर से कम की नौकाओं पर लगाने की पायलट परियोजना तमिलनाडु में शुरू हुई। राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार का कार्यालय मछुआरों के लिए व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के लिए राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के साथ काम कर रहा है क्योंकि एजेंसियां उन्हें आधार जैसे अपने पहचान पत्रों की फोटोकॉपी करने की अनुमति देंगी क्योंकि मूल दस्तावेजों को ले जाना मुश्किल है।
भारत सरकार ने तटीय सुरक्षा पर विशेष फोकस रखने के लिए नवंबर 2021 से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तहत राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक को नियुक्त किया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने बहु-एजेंसी समुद्री सुरक्षा समूह की जून 2022 की बैठक को संबोधित किया था जिसमें समुद्री क्षेत्र से निपटने वाले सभी हितधारक शामिल थे।