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दार्जिलिंग बंद के दूसरे दिन पथराव-लाठीचार्ज, केंद्र ने अर्द्धसैनिक बल के 600 जवान भेजे
अमर उजाला ब्यूरो, एजेंसी/ दार्जिलिंग,नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Jun 2017 09:51 PM IST
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दार्जिलिंग बंद के दूसरे दिन पथराव- लाठीचार्ज, केंद्र ने अर्द्धसैनिक बल के 600 जवान भेजे
- फोटो : ANI
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दार्जिलिंग में अनिश्चितकालीन बंद के दूसरे दिन मंगलवार को गोरखा जनमुक्ति मोर्चा समर्थकों ने कई जगह पुलिस वालों पर पथराव किया। आंदोलनकारियों ने सरकारी दफ्तरों को बंद कराने का प्रयास किया। उग्र प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बांग्ला भाषा के साथ-साथ अब अलग गोरखालैंड की मांग के समर्थन में जीजेएम ने बंद की अपील की है। इलाके में फंसे कुछ पर्यटकों की बसों को वहां से सेना के पहरे में मैदानी इलाके में पहुंचाया जा रहा है। केंद्र ने मंगलवार को अर्द्धसैनिक बल के 600 जवानों को प्रभावित क्षेत्र में भेज दिया और पश्चिम बंगाल सरकार से हालात पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
दार्जिलिंग में जारी हिंसा से चिंतित केंद्र सरकार की हालात पर पैनी नजर है। केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार हो हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को अर्द्धसैनिक बल के 600 जवानों को दार्जिलिंग भेजा गया है। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से मौजूदा हालात पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 200 महिला जवान सहित अर्द्धसैनिक बल के 600 जवानों को प्रभावित इलाके में भेजा गया है।
अनिश्चितकालीन बंद के दूसरे दिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के समर्थक सरकारी दफ्तरों को जबरन बंद कराते देखे गए। सोमवार को कई सरकारी दफ्तरों में आग लगाने की घटना को देखते हुए तमाम दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जबरन बंद कराने का प्रयास कर रहे मोर्चा के समर्थकों ने पुलिस टीम पर पथराव किया। बाद में उनको तितर-बितर करने के लिए कुछ जगहों पर लाठीचार्ज करना पड़ा। इलाके में फंसे पर्यटकों की बसों को सेना के पहरे में मैदानी इलाके में पहुंचाया जा रहा है। इस बीच, इलाके की चाय बागान यूनियनों ने भी मंगलवार से दो दिन की हड़ताल बुलाई है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने इस हड़ताल का समर्थन किया है। उधर मोर्चा के नेताओं ने पुलिस वालों पर शांतिपूर्ण तरीके से निकली रैली पर बिना किसी उकसावे के लाठी चार्ज करने का आरोप लगाया है। मोर्चा के महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि पुलिस ने बिना वजह लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमारे खिलाफ जितना बल प्रयोग करेगी, अलग गोरखालैंड राज्य की मांग में आंदोलन उतना ही तेज होगा।
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केंद्र और उसके मंत्रियों के लगातार संपर्क में हैं गुरुंग
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग ने कहा कि वह लगातार केंद्र सरकार और उसके मंत्रियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि वह बेहद आशान्वित हैं। केंद्र उनके दर्द और संघर्ष को समझेगा और गोरखालैंड के अलग राज्य की हमारी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा छोटे राज्यों के पक्ष में रही है।
ममता को दार्जिलिंग से दूर रहने की सलाह
बिमल गुरुंग ने पर्वतीय क्षेत्र के हालात पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सेना को बुलाने की आलोचना करते हुए उन्हें पर्वतीय मामलों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग के लोग अपना ध्यान रखने में सक्षम हैं। दार्जिलिंग के लोग तृणमूल कांग्रेस का आधिपत्य कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
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दार्जिलिंग में जारी हिंसा से चिंतित केंद्र सरकार की हालात पर पैनी नजर है। केंद्र ने पश्चिम बंगाल सरकार हो हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को अर्द्धसैनिक बल के 600 जवानों को दार्जिलिंग भेजा गया है। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से मौजूदा हालात पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि 200 महिला जवान सहित अर्द्धसैनिक बल के 600 जवानों को प्रभावित इलाके में भेजा गया है।
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अनिश्चितकालीन बंद के दूसरे दिन गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के समर्थक सरकारी दफ्तरों को जबरन बंद कराते देखे गए। सोमवार को कई सरकारी दफ्तरों में आग लगाने की घटना को देखते हुए तमाम दफ्तरों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जबरन बंद कराने का प्रयास कर रहे मोर्चा के समर्थकों ने पुलिस टीम पर पथराव किया। बाद में उनको तितर-बितर करने के लिए कुछ जगहों पर लाठीचार्ज करना पड़ा। इलाके में फंसे पर्यटकों की बसों को सेना के पहरे में मैदानी इलाके में पहुंचाया जा रहा है। इस बीच, इलाके की चाय बागान यूनियनों ने भी मंगलवार से दो दिन की हड़ताल बुलाई है। गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने इस हड़ताल का समर्थन किया है। उधर मोर्चा के नेताओं ने पुलिस वालों पर शांतिपूर्ण तरीके से निकली रैली पर बिना किसी उकसावे के लाठी चार्ज करने का आरोप लगाया है। मोर्चा के महासचिव रोशन गिरि ने कहा कि पुलिस ने बिना वजह लाठीचार्ज किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमारे खिलाफ जितना बल प्रयोग करेगी, अलग गोरखालैंड राज्य की मांग में आंदोलन उतना ही तेज होगा।
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केंद्र और उसके मंत्रियों के लगातार संपर्क में हैं गुरुंग
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के प्रमुख बिमल गुरुंग ने कहा कि वह लगातार केंद्र सरकार और उसके मंत्रियों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि वह बेहद आशान्वित हैं। केंद्र उनके दर्द और संघर्ष को समझेगा और गोरखालैंड के अलग राज्य की हमारी मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा छोटे राज्यों के पक्ष में रही है।
ममता को दार्जिलिंग से दूर रहने की सलाह
बिमल गुरुंग ने पर्वतीय क्षेत्र के हालात पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा सेना को बुलाने की आलोचना करते हुए उन्हें पर्वतीय मामलों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग के लोग अपना ध्यान रखने में सक्षम हैं। दार्जिलिंग के लोग तृणमूल कांग्रेस का आधिपत्य कभी स्वीकार नहीं करेंगे।