सियासत: ममता बोलीं- मदर टेरेसा की संस्था के सभी बैंक खातों को किया गया फ्रीज; सरकार ने दी सफाई
ममता बनर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा कि इस कदम से मिशनरीज ऑफ चैरिटी के 22,000 मरीज असहाय बनकर रह गए हैं।
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दावा किया कि केंद्र ने मदर टेरेसा द्वारा स्थापित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के सभी बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। बनर्जी ने हैरानी जताते हुए कहा कि इस कदम से मिशनरीज ऑफ चैरिटी के 22,000 मरीज और कर्मचारी बिना भोजन और दवाओं के रह गए हैं।
Shocked to hear that on Christmas, Union Ministry FROZE ALL BANK ACCOUNTS of Mother Teresa’s Missionaries of Charity in India!
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) December 27, 2021
Their 22,000 patients & employees have been left without food & medicines.
While the law is paramount, humanitarian efforts must not be compromised.
उन्होंने ट्वीट किया, क्रिसमस पर यह सुनकर स्तब्ध हूं कि केंद्रीय मंत्रालय ने मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटी के भारत में सभी बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है! उनके 22,000 मरीजों और कर्मचारियों को भोजन और दवाओं के बिना छोड़ दिया गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि हालांकि कानून सर्वोपरि है, लेकिन मानवीय प्रयासों से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
गृह मंत्रालय ने कहा, मिशनरी ने बैंक को खुद ही भेजा था अनुरोध
वहीं, गृह मंत्रालय ने कहा कि विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए मिशनरीज ऑफ चैरिटी के आवेदन को पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करने के लिए 25 दिसंबर को अस्वीकार कर दिया गया था। सरकार के मुताबिक कुछ प्रतिकूल सूचनाएं मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। एक बयान में मंत्रालय ने यह भी कहा कि उसने मिशनरीज ऑफ चैरिटी के किसी भी खाते को फ्रीज नहीं किया है, लेकिन स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने सूचित किया है कि संस्था ने खुद बैंक को अपने खातों को फ्रीज करने का अनुरोध भेजा था। मंत्रालय का बयान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा यह दावा किए जाने के कुछ घंटे बाद आया है कि केंद्र ने मदर टेरेसा द्वारा स्थापित संगठन के सभी बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है।
गृह मंत्रालय ने कहा कि एफसीआरए 2010 और विदेशी योगदान नियमन नियम (एफसीआरआर) 2011 के तहत पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करने के कारण एमओसी के एफसीआरए पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए आवेदन 25 दिसंबर को अस्वीकार कर दिया गया था। नवीनीकरण के इस इनकार की समीक्षा के लिए मिशनरी से कोई अनुरोध या संशोधन आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। एफसीआरए के तहत मिशनरीज ऑफ चैरिटी का पंजीकरण 31 अक्टूबर, 2021 तक वैध था। मंत्रालय ने कहा कि वैधता को बाद में 31 दिसंबर, 2021 तक अन्य एफसीआरए संघों के साथ बढ़ा दिया गया था, जिनके नवीनीकरण आवेदन लंबित थे।
विवाद बढ़ने के बाद एनजीओ का बयान आया सामने
मदर टेरेसा के एनजीओ मिशनरीज ऑफ चैरिटी संगठन की प्रवक्ता सुनीता कुमार ने कहा कि उनके पास ऐसी किसी भी कार्रवाई की जानकारी नहीं है और सब कुछ ठीक है। सुनीता ने बताया कि हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। मैं इसके बारे में पूरी तरह से अनभिज्ञ हूं। भारत सरकार ने हमें ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है। बैंक ट्रांजेक्शन सही तरीके से काम कर रहे हैं।