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'बालाकोट स्ट्राइक सरकार का साहसिक फैसला', रावत बोले- छद्म युद्ध बर्दाश्त नहीं
Fri, 28 Feb 2020 10:39 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 28 Feb 2020 10:39 AM IST
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राजनाथ सिंह, बिपिन रावत, आरकेएस भदौरिया
- फोटो : Social Media
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि बालाकोट हवाई हमलों से भारत की ओर से यह स्पष्ट संदेश गया कि सीमा पार के बुनियादी ढांचों का इस्तेमाल आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
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राजनाथ सिंह ने सेंटर फॉर एयर पॉवर स्टडीज में कहा कि हमें जो काम मिला है यदि उसके लिए हमें तैयार रहना है तो यह आवश्यक है कि हम जमीन, आसमान और समुद्र में हर वक्त विश्वास योग्य प्रतिरोधक क्षमता कायम रखें।
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रक्षा मंत्री ने कहा कि बालाकोट हवाई हमलों ने भारत की ओर से यह स्पष्ट संदेश भेजा है कि सीमा पार के बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह के रूप में नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बालाकोट हवाई हमलों ने सीमा पार सिद्धांतों को फिर लिखे जाने को बाध्य किया और देश के संकल्प और क्षमता को दिखाया।
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रावत बोले- छद्म युद्ध बर्दाश्त नहीं
वहीं चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल बिपिन रावत ने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक का संदेश बहुत स्पष्ट था कि हमारे लोगों पर जिस तरह का छद्म युद्ध चल रहा है उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि हमें सौंपे गए कार्यों के लिए तैयार रहना है तो यह महत्वपूर्ण है कि हम हर समय जमीन, वायु और समुद्र में विश्वसनीय और प्रभावी प्रतिरोध बनाए रखें। उन्होंने कहा कि यह प्रतिरोध हर कर्मी को प्रशिक्षित और प्रेरित रखने से मिलती है।
बिपिन रावत ने यह भी कहा कि प्रभावी प्रतिरोध सैन्य नेतृत्व और राजनैतिक नेतृत्व के कठोर निर्णय लेने से आती है। उन्होंने कहा कि इसकी बानगी कारगिल, उरी और पुलवामा हमले के बाद देखने को मिली थी।
पाकिस्तान के भीतर हमला करने का निर्णय कठोर और साहसिक: वायुसेना प्रमुख
वहीं वायुसेना प्रमुख एयरचीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा कि एक साल पहले सरकार ने नियंत्रण रेखा के पार पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी प्रशिक्षण शिविरों पर हमला करने का कठोर और साहसिक निर्णय लिया था। उन्होंने कहा कि इसके बाद भारतीय वायुसेना ने अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक तबाह किया।
भदौरिया ने बताया कि पाकिस्तान वायु सेना ने एयर स्ट्राइक के 30 घंटे बाद ऑपरेशन स्विफ्ट रिटोर्ट के तहत बड़ी संख्या में युद्धक विमानों के जरिए जबावी कार्रवाई की, हालांकि भारतीय वायुसेना ने उन्हें कोई भी लक्ष्य साधने नहीं दिया। वे भागने की जल्दी में थे। पाकिस्तान ने ऐसा अपने लोगों को दिखाने के लिए किया था।