फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Centre comes under fire in Kerala assembly over Wayanad rehabilitationrehabilitation

Kerala: विधानसभा में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- पुनर्वास के लिए नहीं मिला पैसा

Mon, 14 Oct 2024 04:07 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 14 Oct 2024 04:07 PM IST
सार

Kerala: कांग्रेस विधायक टी. सिद्दीकी ने स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वायनाड के भूस्खलन प्रभावित गांवों का दौरा किया था। पीड़ितों से मुलाकात की थी और अस्पताल में घायलों का हाल जाना था। इसके बाद एक उच्च स्तरीय बैठक में आश्वासन दिया था कि केंद्र राज्य के पुनर्वास के प्रयासों में मदद करेगा। लेकिन प्रधानमंत्री के दौरे के महीनों बाद भी वायनाड में पुनर्वास के लिए एक भी पैसा केंद्र ने नहीं दिया है।

विज्ञापन
Centre comes under fire in Kerala assembly over Wayanad rehabilitationrehabilitation
केरल विधानसभा - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

केरल विधानसभा में सोमवार को भूस्खलन पीडितो के पुनर्वास के मुद्दे पर चर्चा की गई। इस दौरान राज्य के सत्ताधारी और विपक्षी दलों ने पीड़ितों को पुनर्वास के लिए वित्तीय मदद न देने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। कुछ महीने पहले भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से राज्य के वायनाड सहित कई हिस्से प्रभावित हुए थे। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वायनाड का दौरा किया था।

विज्ञापन

 
प्राकृतिक आपदाओं में मदद करना केंद्र की नैतिक जिम्मेदारी: एलडीएफ
माकपा की अगुवाई वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने मिलकर इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। यूडीएफ ने इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि मोदी ने केवल फोटो खिंचवाने के लिए प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। वहीं, एलडीएफ ने कहा कि एक संघीय लोकतांत्रिक प्रणाली में केंद्र की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह प्राकृतिक आपदाओं के समय में पुनर्वास के लिए वित्तीय मदद प्रदान करे। 
विज्ञापन


केंद्र ने नहीं दिया एक भी पैसा, भूस्खलन से करोड़ों का हुआ नुकसान: कांग्रेस
कांग्रेस विधायक टी. सिद्दीकी ने स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वायनाड के भूस्खलन प्रभावित गांवों का दौरा किया था। वहां उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की थी और अस्पताल में घायलों का हाल जाना था। इसके बाद एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया था कि केंद्र राज्य के पुनर्वास के प्रयासों में मदद करेगा। लेकिन प्रधानमंत्री के दौरे के महीनों बाद भी वायनाड में पुनर्वास के लिए एक भी पैसा केंद्र ने नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि वायनाड में 30 जुलाई के भूस्खलन से करोड़ों का नुकसान हुआ है। 
विज्ञापन
विज्ञापन




सिद्दीकी ने कहा, पुनर्वास के लिए हमें कम से कम 2000 करोड़ रुपये की जरूरत है। अभ भूस्खलन के पीड़ित यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या प्रधानमंत्री मोदी ने वायनाड में केवल फोटो शूट कराने के लिए दौरा किया था। उन्होंने केंद्र सरकार की इस लापरवाही को 'दुखद' करार दिया।सिद्दीकी ने यह भी सुझाव दिया कि राज्य सरकार और उसके विभिन्न विभागों को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि बारिश की सही भविष्यवाणियां की जा सकें, पीड़ितों के कर्ज माफ किए जा सकें और पुनर्वास के लिए जमीन अधिग्रहण जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। 


शैलजा ने केंद्र पर लगाया वायनाड की अनदेखी का आरोप
वहीं, राज्य की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के. शैलजा ने केंद्र सरकार पर वायनाड की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सदन के भीतर और बाहर एकजुट होकर आंदोलन की जरूरत है। शैलजा ने कहा कि जब प्रधानमंत्री ने वायनाड का दौरा किया था और वहां के प्रभावित लोगों से मिले थे, तब लोगों को एक राहत महसूस हुई थी। उनकी यात्रा की व्यापक मीडिया कवरेज हुई, लेकिन हमें क्या मिला? केंद्र ने अब तक वायनाड को एक भी पैसा नहीं दिया है। करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। यह छोटा राज्य इन सभी खर्चों का मुकाबला कैसे करेगा?

वायनाड में भूस्खलन से हुई थी 200 से ज्यादा लोगों की मौत
उन्होंने यह भी कहा कि एक संघीय लोकतांत्रिक प्रणाली में केंद्र सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह प्राकृतिक आपदाओं के समय हर राज्य का समर्थन करे और पुनर्वास के लिए वित्तीय मदद प्रदान करे। लेकिन केंद्र ने इस त्रासदी के बाद वायनाड को तत्काल राहत भी नहीं दी है। 30 जुलाई को विनाशकारी भूस्खलन ने वायनाड के मुंडक्कई और चूरालमाला क्षेत्रों को  बुरी तरह प्रभावित किया था, जिसमें 200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। जबकि कई लोग घायल हुए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed