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MHA: केंद्र ने नौ राज्यों के लिए ₹4645.60 करोड़ की परियोजनाओं को दी मंजूरी; आपदा से राहत-पुनर्निर्माण पर ध्यान
Wed, 01 Oct 2025 09:35 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 01 Oct 2025 09:35 PM IST
सार
MHA: इन परियोजनाओं का मकसद सिर्फ आपदा से राहत और पुनर्निर्माण ही नहीं, बल्कि भविष्य में जोखिम को कम करना और स्थायी विकास सुनिश्चित करना है। खासतौर पर असम और गुवाहाटी के लिए योजनाएं बाढ़ प्रबंधन में एक नया मॉडल पेश कर सकती हैं, जिससे अन्य राज्यों को भी सीखने का अवसर मिलेगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन से जुड़ी बड़ी पहल करते हुए देश के नौ राज्यों के लिए 4,645.60 करोड़ रुपये की पुनर्वास, पुनर्निर्माण और जोखिम कम करने वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से असम, केरल, मध्यप्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के लोगों को लाभ मिलेगा। इस प्रस्ताव को गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी) ने मंजूरी दी। समिति में वित्त मंत्री, कृषि मंत्री और नीति आयोग के उपाध्यक्ष भी शामिल थे।
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असम के लिए वेटलैंड पुनर्जीवन योजना
असम के लिए सबसे अहम 692.05 करोड़ रुपये की वेटलैंड (आर्द्रभूमि) पुनर्जीवन योजना को मंजूरी दी गई। इसमें से 519.04 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 173.01 करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी। इस योजना का मकसद- बाढ़ रोकने की क्षमता बढ़ाना, जलाशयों की क्षमता सुधारना, मत्स्य पालन को प्रोत्साहन देना और जल संरक्षण और कटाव रोकना है। यह परियोजना ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली के नौ जिलों की 24 आर्द्रभूमियों और बील्स (तालाब/झील) में लागू होगी। इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है ताकि भविष्य में पूरा ब्रह्मपुत्र घाटी बाढ़-रोधी बनाई जा सके।
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शहरी बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम
उच्च स्तरीय समिति ने 2,444.42 करोड़ रुपये की लागत से 11 शहरों में शहरी बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के दूसरे चरण को मंजूरी दी। इसमें ये शहर- भोपाल, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, जयपुर, कानपुर, पटना, रायपुर, तिरुवनंतपुरम, विशाखापट्टनम, इंदौर और लखनऊ शामिल हैं। यहां बाढ़ के खतरे को देखते हुए संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक उपाय किए जाएंगे। वित्तपोषण के तरीके की बात करें तो इसमें 90% पैसा केंद्र सरकार देगी और 10% हिस्सा राज्य सरकार को देना होगा।
गुवाहाटी के लिए विशेष योजना
11 शहरों में से गुवाहाटी के लिए अलग से 200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है। इसमें से 180 करोड़ रुपये केंद्र और 20 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी। जिसमें जलाशयों को आपस में जोड़ना, स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट, बाढ़ सुरक्षा दीवार, मिट्टी धंसाव रोकना, प्रकृति-आधारित समाधान का इस्तेमाल, फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम और डेटा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं।
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पहले से मंजूर योजनाएं और अन्य आपदा न्यूनीकरण परियोजनाएं
केंद्र सरकार इससे पहले भी सात महानगरों- चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, हैदराबाद, बंगलूरू और पुणे- के लिए 3,075.65 करोड़ रुपये की शहरी बाढ़ प्रबंधन योजना को मंजूरी दे चुकी है।इसके अलावा, केंद्र ने अलग-अलग आपदाओं से निपटने के लिए भी कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। जिसमें भूस्खलन रोकथाम के लिए 1,000 करोड़ रुपये, ग्लेशियर झील फटने (जीएलओएफ) की परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये, जंगल की आग की रोकथाम के लिए 818.92 करोड़ रुपये, बिजली गिरने की घटनाओं के लिए 186.78 करोड़ रुपये और सूखा प्रबंधन के लिए 2,022.16 करोड़ रुपये हैं।
पूंजीगत व्यय में तेजी लाने की कोशिश
आगामी त्यौहारी सीजन को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत व्यय में तेजी लाने और उनके विकास/कल्याण संबंधी व्यय के वित्तपोषण में सक्षम बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने कर हस्तांतरण की एक अग्रिम किस्त के रूप में राज्य सरकारों को 1,01,603 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण जारी किया है।
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असम के लिए वेटलैंड पुनर्जीवन योजना
असम के लिए सबसे अहम 692.05 करोड़ रुपये की वेटलैंड (आर्द्रभूमि) पुनर्जीवन योजना को मंजूरी दी गई। इसमें से 519.04 करोड़ रुपये केंद्र सरकार और 173.01 करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी। इस योजना का मकसद- बाढ़ रोकने की क्षमता बढ़ाना, जलाशयों की क्षमता सुधारना, मत्स्य पालन को प्रोत्साहन देना और जल संरक्षण और कटाव रोकना है। यह परियोजना ब्रह्मपुत्र नदी प्रणाली के नौ जिलों की 24 आर्द्रभूमियों और बील्स (तालाब/झील) में लागू होगी। इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है ताकि भविष्य में पूरा ब्रह्मपुत्र घाटी बाढ़-रोधी बनाई जा सके।
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शहरी बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम
उच्च स्तरीय समिति ने 2,444.42 करोड़ रुपये की लागत से 11 शहरों में शहरी बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के दूसरे चरण को मंजूरी दी। इसमें ये शहर- भोपाल, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, जयपुर, कानपुर, पटना, रायपुर, तिरुवनंतपुरम, विशाखापट्टनम, इंदौर और लखनऊ शामिल हैं। यहां बाढ़ के खतरे को देखते हुए संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक उपाय किए जाएंगे। वित्तपोषण के तरीके की बात करें तो इसमें 90% पैसा केंद्र सरकार देगी और 10% हिस्सा राज्य सरकार को देना होगा।
गुवाहाटी के लिए विशेष योजना
11 शहरों में से गुवाहाटी के लिए अलग से 200 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ है। इसमें से 180 करोड़ रुपये केंद्र और 20 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी। जिसमें जलाशयों को आपस में जोड़ना, स्टॉर्म वाटर मैनेजमेंट, बाढ़ सुरक्षा दीवार, मिट्टी धंसाव रोकना, प्रकृति-आधारित समाधान का इस्तेमाल, फ्लड अर्ली वार्निंग सिस्टम और डेटा प्रबंधन प्रणाली शामिल हैं।
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पहले से मंजूर योजनाएं और अन्य आपदा न्यूनीकरण परियोजनाएं
केंद्र सरकार इससे पहले भी सात महानगरों- चेन्नई, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, हैदराबाद, बंगलूरू और पुणे- के लिए 3,075.65 करोड़ रुपये की शहरी बाढ़ प्रबंधन योजना को मंजूरी दे चुकी है।इसके अलावा, केंद्र ने अलग-अलग आपदाओं से निपटने के लिए भी कई परियोजनाओं को मंजूरी दी है। जिसमें भूस्खलन रोकथाम के लिए 1,000 करोड़ रुपये, ग्लेशियर झील फटने (जीएलओएफ) की परियोजना के लिए 150 करोड़ रुपये, जंगल की आग की रोकथाम के लिए 818.92 करोड़ रुपये, बिजली गिरने की घटनाओं के लिए 186.78 करोड़ रुपये और सूखा प्रबंधन के लिए 2,022.16 करोड़ रुपये हैं।
पूंजीगत व्यय में तेजी लाने की कोशिश
आगामी त्यौहारी सीजन को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत व्यय में तेजी लाने और उनके विकास/कल्याण संबंधी व्यय के वित्तपोषण में सक्षम बनाने के लिए, केंद्र सरकार ने कर हस्तांतरण की एक अग्रिम किस्त के रूप में राज्य सरकारों को 1,01,603 करोड़ रुपये का कर हस्तांतरण जारी किया है।
In view of the upcoming festive season and to enable States to accelerate capital spending and finance their development/ welfare related expenditure, the Union Government releases tax devolution of Rs 1,01,603 crore to State Governments, as one advance instalment of tax… pic.twitter.com/8y1RF3HDti
— ANI (@ANI) October 1, 2025