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केंद्रीय मंत्रालय और विभाग अपनी मर्जी से नहीं कर सकेंगे खरीदारी, पीएमओ के इन दिशा निर्देशों का करना होगा पालन
Fri, 20 Nov 2020 03:14 PM IST
Harendra Chaudhary
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 20 Nov 2020 03:14 PM IST
सार
वित्त मंत्रालय के अनुसार, सभी मंत्रालयों, विभागों या सरकारी संगठन को कोई खरीद करनी है तो उसके लिए पहले घरेलू स्तर पर टेंडर जारी करना होगा...
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prime minister office
- फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
चीन के साथ हुए सीमा विवाद के बाद केंद्र सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की खरीद प्रक्रिया के लिए नए मापदंड तय किए हैं। इसका मकसद है कि कई तरह की मशीनरी और उपकरणों के लिए चीन जैसे देशों पर निर्भरता को कम किया जाए।
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पहला प्रयास यही रहेगा कि वह उपकरण अपने ही देश में तैयार हों। अगर वह घरेलू मार्केट में है तो उसे ही खरीदने को प्राथमिकता दी जाएगी। खरीद प्रक्रिया शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा तय किए गए मापदंडों का पालन करना होगा। वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने 18 नवंबर को इस बाबत सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के लिए आदेश जारी किया है।
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वित्त मंत्रालय के अनुसार, सभी मंत्रालयों, विभागों या सरकारी संगठन को कोई खरीद करनी है तो उसके लिए पहले घरेलू स्तर पर टेंडर जारी करना होगा। अगर वह सामान यहां नहीं मिलता है तो ही निर्धारित नियमों के अनुसार ग्लोबल टेंडर की प्रक्रिया शुरू करनी है।
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अगर किसी मंत्रालय ने घरेलू टेंडर के बिना ही सीधे ग्लोबल टेंडर दिया है तो उसे केंद्रीय सचिवालय की मंजूरी नहीं मिलेगी। मंत्रालयों और विभागों को इस संबंध में डीपीआईआईटी से चर्चा करनी होगी। वहां से उन्हें घरेलू उत्पाद सेवा प्रदायक एजेंसी की जानकारी मिल जाएगी। साथ ही सभी मंत्रालय कम से कम साढ़े तीन वर्ष तक की सामान खरीद प्रक्रिया का प्रपोजल तैयार करें।