राहुल के डंडे वाले बयान पर नकवी का पलटवार, कहा - सोनिया अपने पप्पूजी को राजनीतिक प्लेस्कूल भेजें
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बात दें कि राहुल ने बुधवार को दिल्ली की एक चुनावी रैली के मंच से प्रधानमंत्री मोदी को आगाह किया था कि अगर उन्होंने देश में बेरोजगारी की समस्या का समाधान नहीं किया, तो अगले छह से आठ महीने में युवा उनकी डंडे से पिटाई करेंगे।
इस बयान को लेकर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर नकवी ने कहा कि कांग्रेस के नेता अपने हाथ में कुल्हाड़ी लेकर घूमते हैं और मौका मिलते ही इसे अपने ही पैर पर मारते हैं। 'मुझे कांग्रेस के लोगों, खासतौर से सोनिया गांधी को सलाह देनी है कि वह अपने पप्पूजी को किसी राजनीतिक प्लेस्कूल में भेजें ताकि वह सियासत की एबीसीडी, गरिमा, शालीनता और भाषा के संस्कार सीख सकें।'
राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि जनता के चुने प्रधानमंत्री को डंडा मारे जाने की बात सामान्य मानसिक संतुलन वाला कोई भी व्यक्ति नहीं कह सकता।
भाजपा ने नो एक्जिट का बोर्ड नहीं लगा रखा
संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ मध्य प्रदेश के कई मुस्लिम नेताओं के भाजपा छोड़ने पर केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी ने अपने यहां "नो एक्जिट" या "नो इंट्री" का बोर्ड नहीं लगा रखा है।
नकवी ने कहा, 'भाजपा एक बड़ी राजनीतिक पार्टी है। उसने अपने यहां नो एक्जिट या नो इंट्री का बोर्ड नहीं लगा रखा है। लोग भाजपा में आते हैं और जिन लोगों की पार्टी में रहने की इच्छा नहीं होती, वे चले भी जाते हैं।'
उन्होंने इस बात से इंकार किया कि भाजपा अपनी ही पार्टी के मुस्लिम नेताओं को समझाने में असफल रही है कि सीएए देश के हित में है। नकवी ने कहा, 'जिन लोगों के दिमाग में सीएए को लेकर कोई गलतफहमी भर गई है, उनसे हमारी अपील है कि वे इसे दूर करने के लिए खुले दिमाग से इस पर विचार करें। वे यह भी सोचें कि 'बोगस बैशिंग ब्रिगेड' सीएए के बारे में फर्जी बातें फैलाकर एक वर्ग विशेष में भय और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश क्यों कर रहा है?'
बता दें कि सीएए को संविधान विरोधी बताते हुए इंदौर नगर निगम में भाजपा के इकलौते मुस्लिम पार्षद उस्मान पटेल ने पार्टी से 40 साल पुराना नाता तोड़ने की घोषणा की थी। इससे पहले, सीएए के खिलाफ भाजपा के करीब 80 अन्य मुस्लिम नेताओं ने पिछले महीने पार्टी से नाता तोड़ लिया था।