हाफिज सईद के बहनोई से लेकर मुंबई हमले के आरोपियों तक 18 आतंकी घोषित
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के प्रति प्रतिबद्धता जताते हुए यूएपीए अधिनियम के तहत 18 और व्यक्तियों को आतंकवादी करार दिया है। इनमें आतंकी संगठन लश्करे तैयबा के सरगना हाफिज सईद के बहनोई से लेकर मुंबई हमले के आरोपियों तक शामिल हैं। इसके साथ ही ऐसे लोगों की कुल संख्या अब 31 हो गई है।
Reinforcing commitment of strengthening national security and its policy of zero tolerance to terrorism, the Government has declared eighteen more individuals as designated terrorists, under provisions of UAPA Act 1967 (as amended in 2019): Home Ministry pic.twitter.com/iZ2rl1cDpo
— ANI (@ANI) October 27, 2020विज्ञापन
मंगलवार को जारी आदेश में गृह मंत्रालय ने कहा, 'राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए, सरकार ने यूएपीए अधिनियम 1967 (2019 में संशोधित) के प्रावधानों के तहत अठारह और व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है।' गृह मंत्रालय की ओर से यह घोषणा भारत और अमेरिका के बीच हो रही मंत्रीस्तरीय टू प्लस टू वार्ता के दौरान की गई है।
इन 18 आतंकियों में पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी भी शामिल हैं। सरकार ने 26/11 मुंबई हमले के आरोपी लश्कर-ए-तैयबा के यूसुफ मुजम्मिल, लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के बहनोई अब्दुर रहमान मक्की, 1999 में कंधार आईसी-814 विमान अपहरण के आरोपी युसूफ अजहर, अब्दुल रऊफ असगर, इब्राहिम अतहर, मुंबई बम विस्फोटों की साजिश रचने वाले टाइगर मेमन, छोटा शकील, हिज्बुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन और इंडियन मुजाहिदीन के भटकल बंधुओं को भी आतंकवादी घोषित किया है।
इससे पहले केवल संगठनों को कड़े कानून के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया जा सकता था, ना कि उससे जुड़े लोगों को। लेकिन अगस्त 2019 में संसद से पारित किए गए संशोधित आतंकवाद-रोधी अधिनियम के बाद आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त या फिर ऐसी किसी गतिविधि के लिए प्रोत्साहित करने वाले लोगों को भी इसके दायरे में लाया गया।
इन संशोधित प्रावधानों को लागू करने के बाद केंद्र सरकार ने सितंबर 2019 में चार व्यक्तियों और जुलाई 2020 में नौ व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया था। जो लोग पहले से ही आतंकवादी घोषित किए जा चुके हैं, उनमें जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज मुहम्मद सईद, मुंबई आतंकी हमले के आरोपी जकी-उर-रहमान लखवी, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, खालिस्तान कमांडो फोर्स प्रमुख परमजीत सिंह पंजवार और बब्बर खालसा के अंतरराष्ट्रीय प्रमुख वधवा सिंह बब्बर शामिल हैं।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की अपनी नीति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, सरकार ने आज यूएपीए के प्रावधानों के तहत 18 और लोगों को आतंकवादी घोषित किया है। उन्होंने कहा कि ये लोग सीमा पार से आतंकवाद से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में शामिल हैं और देश को अस्थिर करने के नापाक प्रयास कर रहे हैं।
आतंकवादियों की सूची में पाकिस्तान के शीर्ष लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर साजिद मीर शामिल है, जो 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक था; 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले का एक और आरोपी लश्कर कमांडर युसूफ मुजम्मिल; लश्कर प्रमुख हाफिज सईद का बहनोई अब्दुर रहमान मक्की भी शामिल है।
इस सूची में रियाज इस्माइल शाहबंदरी उर्फ रियाज भटकल और उसके भाई मोहम्मद इकबाल उर्फ इकबाल भटकल का नाम शामिल है, जिन्होंने इंडियन मुजाहिदीन का गठन किया था और जर्मन बेकरी (2010), चिन्नास्वामी स्टेडियम बंगलूरू (2010), जामा मस्जिद (2010), शीतलाघाट (2010) और मुंबई (2011) पर हमले सहित विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त थे।
इन पर आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण और जयपुर सीरियल धमाकों (2008), दिल्ली सीरियल ब्लास्ट्स (2008), अहमदाबाद और सूरत (2008) में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों सहित कई आतंकवादी वारदातों का भी आरोप है।